माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग, विद्यार्थी वैभव भट्ट ने कुलगुरु को लिखा पत्र
भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में छात्र संघ चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थी वैभव भट्ट ने विश्वविद्यालय के कुलगुरु महोदय को पत्र लिखकर अपनी मांग रखी है। पत्र के माध्यम से उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव कराए जाने की दिशा में सकारात्मक पहल करने का अनुरोध किया है।
अपने पत्र में वैभव भट्ट ने कहा कि मध्य प्रदेश में लगभग एक दशक के लंबे अंतराल के बाद न्यायालय के आदेश के पश्चात छात्र संघ चुनावों की संभावना ने विद्यार्थियों के बीच लोकतांत्रिक भागीदारी को लेकर नई उम्मीद जगाई है। लंबे अंतराल के कारण विद्यार्थियों की लगभग दो-तीन पीढ़ियां छात्र संघ चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्यक्ष अनुभव से वंचित रही हैं। ऐसे में वर्तमान विद्यार्थियों के लिए छात्र संघ चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी का महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
पत्र में आज की Gen Z पीढ़ी की लोकतांत्रिक भागीदारी पर भी जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि विश्वविद्यालयों में Gen Z की बड़ी भागीदारी है। यह पीढ़ी सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए राजनीतिक एवं सामाजिक विषयों पर अपनी राय रखती है, लेकिन लोकतंत्र की प्रत्यक्ष प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर इसके बड़े हिस्से को नहीं मिला है। छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को केवल मतदान का अधिकार ही नहीं देंगे, बल्कि उन्हें नेतृत्व, संवाद, असहमति के सम्मान, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया को व्यवहार में समझने का अवसर भी देंगे।
छात्र संघ विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के बीच संवाद का माध्यम बन सकता है
वैभव भट्ट ने अपने पत्र में कहा है कि छात्र संघ विश्वविद्यालय और विद्यार्थियों के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। निर्वाचित छात्र प्रतिनिधि विद्यार्थियों की शैक्षणिक, छात्रावास, पुस्तकालय, खेल, सांस्कृतिक एवं अन्य समस्याओं को व्यवस्थित रूप से विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे विश्वविद्यालय में संवाद और सहभागिता की संस्कृति भी मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की पहचान पत्रकारिता एवं संचार शिक्षा के क्षेत्र में है। ऐसे में यहां छात्र संघ चुनाव का महत्व और बढ़ जाता है। चुनाव विद्यार्थियों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया, चुनावी संवाद, मीडिया कवरेज, जनसंपर्क, सोशल मीडिया और निष्पक्ष पत्रकारिता को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर बन सकते हैं। विश्वविद्यालय चाहे तो इसे एक स्वस्थ और शैक्षणिक लोकतांत्रिक अभ्यास के रूप में विकसित कर सकता है।
किसी राजनीतिक संगठन के समर्थन में नहीं है मांग
वैभव भट्ट ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक संगठन अथवा विचारधारा के पक्ष में आग्रह करना नहीं है। उनकी मांग केवल यह है कि विद्यार्थियों को अपने प्रतिनिधि चुनने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि छात्र संघ चुनाव आवश्यक नियमों, पारदर्शिता, अनुशासन और निर्धारित आचार संहिता के तहत शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष रूप से आयोजित किए जा सकते हैं।
पत्र में कहा गया है कि “लोकतंत्र की सबसे प्रभावी शिक्षा लोकतंत्र में भागीदारी से ही मिलती है।” यदि युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में प्रत्यक्ष भागीदारी का अवसर मिलता है, तो यह न केवल विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के लिए, बल्कि एक जिम्मेदार लोकतांत्रिक समाज के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम होगा।
वैभव भट्ट ने कुलगुरु महोदय से अनुरोध किया है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव कराए जाने की दिशा में सकारात्मक रूप से विचार करते हुए आवश्यक पहल की जाए।

