गायत्री परिवार ने आयोजित किया ‘नव दंपति दायित्व बोध शिविर’: संवाद और विश्वास से मजबूत होंगे रिश्ते, टूटने से बचेंगे परिवार

विदिशा। बदलते दौर में वैवाहिक रिश्तों में आ रही दूरियों को दूर करने और युवा पीढ़ी को सुखी व संस्कारवान दांपत्य जीवन का महत्व समझाने के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में रविवार को राजीव नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ (देहात थाने के पास) में ‘नव दंपति दायित्व बोध शिविर’ का भव्य आयोजन दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में नवदंपतियों ने हिस्सा लेकर जीवन में साथ निभाने का संकल्प लिया।
दीप प्रज्वलन और प्रेरणा गीतों से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसके बाद शांतिकुंज हरिद्वार की मुख्य गायिका मीना श्रीवास्तव, रिचा डांगे और अभिमन्यु डांगे की संगीत टोली ने प्रेरणादायक गीतों के माध्यम से प्रेम, विश्वास, संस्कार और जिम्मेदारी का संदेश दिया।
अधिकार ही नहीं, दायित्वों को समझना भी जरूरी
अंतरराष्ट्रीय लायंस क्लब विदिशा के पूर्व अध्यक्ष एवं भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला पदाधिकारी लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि एक मजबूत परिवार ही संस्कारवान समाज की नींव है। शिविर में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि रिश्ते केवल अधिकारों से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों को निभाने से मजबूत होते हैं।
संवादहीनता है रिश्तों में दरार की मुख्य वजह
कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख वक्ताओं—पं. मदन किशोर शर्मा (पूर्व काउंसलर, परिवार परामर्श केंद्र), रेखा राठौर (काउंसलर, महिला एवं बाल विकास विभाग), सुरेश श्रीवास्तव (भोपाल उपजोन सह-समन्वयक), शोभा गौर (शांतिकुंज प्रतिनिधि), मुकेश तिवारी (जिला समन्वयक) और बबली धाकड़ (उपजोन नारी जागरण प्रमुख)—ने दंपतियों को मार्गदर्शन दिया।
वक्ताओं ने कहा कि रिश्तों में अक्सर बड़ी दरारें किसी गंभीर वजह से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी बातों पर बातचीत बंद होने (संवादहीनता) से आती हैं। वर्तमान में सोशल मीडिया और समाचारों में वैवाहिक विवादों की खबरें देखकर युवाओं में विवाह संस्था को लेकर नकारात्मक सोच बन रही है। ऐसे माहौल में उन्हें दांपत्य जीवन का सकारात्मक और सुंदर पक्ष दिखाना बेहद जरूरी है।
परिवार निर्माण में महिलाओं की अहम भूमिका
शांतिकुंज प्रतिनिधि शोभा गौर ने परिवार निर्माण में महिलाओं के योगदान पर प्रकाश डालते हुए अपने 30 वर्षों के सेवा अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि हरदा के सिराली क्षेत्र में गौशाला, शिक्षा और नारी जागरण के माध्यम से लगभग 800 महिलाओं को जोड़ने का प्रयास किया गया है।
शिविर का मुख्य संदेश और संकल्प
शिविर के अंत में नवदंपतियों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे, कमियां निकालने के बजाय एक-दूसरे की खूबियों को पहचानेंगे और घर में हमेशा सकारात्मक माहौल बनाए रखेंगे।
कार्यक्रम का सफल संचालन राजकुमार प्रजापति ने किया। इस दौरान गायत्री परिवार के अनेक कार्यकर्ता और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।




