पन्ना में मजदूर की किस्मत चमकी: 17 कैरेट का नायाब हीरा मिला, कीमत 50 लाख से ज्यादा; 7 पार्टनरों में बंटेगी रकम

पन्ना में एक बार फिर मजदूर की किस्मत चमक उठी है। सरकोहा की निजी हीरा खदान में मजदूरी कर रहे अखिलेश पाल को खुदाई के दौरान 17 कैरेट का नायाब हीरा मिला है। हीरा मिलने की खबर के बाद खदान में काम कर रहे मजदूरों और आसपास के लोगों में उत्साह का माहौल है। इस बेशकीमती हीरे को हीरा धारक द्वारा पन्ना के हीरा कार्यालय में नियमानुसार जमा कराया गया है।
सबसे खास बात यह है कि इस हीरे में कुल सात लोग पार्टनर हैं। यानी नीलामी के बाद मिलने वाली राशि नियमानुसार सभी साझेदारों के बीच उनके निर्धारित हिस्से के अनुसार बांटी जाएगी। हीरा मिलने वाले मजदूर अखिलेश पाल के लिए यह खोज किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं है। रोजाना मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले अखिलेश को उम्मीद है कि इस हीरे की नीलामी से मिलने वाली रकम से उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।नीलामी में रखकर बिकेगा हीरा
हीरा कार्यालय के अधिकारियों के मुताबिक, नियमानुसार हीरे को आगामी नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी में प्राप्त राशि में से 12 प्रतिशत की कटौती के बाद शेष राशि हीरा धारक को प्रदान की जाएगी। इसके बाद साझेदारों के बीच राशि का बंटवारा होगा।
हालांकि, पन्ना में पिछले करीब 8 महीनों से हीरों की नीलामी नहीं होने के कारण हीरा धारकों और मजदूरों में निराशा भी है। मेहनत के बाद बेशकीमती हीरा मिलने के बावजूद लंबे समय से नीलामी नहीं होने के कारण उन्हें अपनी रकम मिलने का इंतजार करना पड़ रहा है। इस मामले में हीरा अधिकारी ने बताया कि हीरे को आगामी नीलामी में शामिल किया जाएगा और अक्टूबर माह में नीलामी आयोजित होने की उम्मीद है। नीलामी में देश-विदेश के व्यापारियों द्वारा हीरों की बोली लगाई जाएगी। सबसे ऊंची बोली लगाने वाले व्यापारी को नियमानुसार हीरा दिया जाएगा।
पन्ना की धरती ने फिर बढ़ाया मान
पन्ना की धरती को देशभर में हीरों की नगरी के रूप में जाना जाता है। यहां अक्सर मजदूरों और छोटे खदान संचालकों की किस्मत खुदाई के दौरान चमकती रही है। अब 17 कैरेट के इस नायाब हीरे ने एक बार फिर पन्ना की हीरा नगरी को सुर्खियों में ला दिया है। अब सभी की नजर अक्टूबर में होने वाली नीलामी पर है, जहां यह 17 कैरेट का उज्ज्वल जेम्स क्वालिटी का हीरा कितनी कीमत हासिल करता है, यह देखने वाली बात होगी।




