दिव्यांग क्रिकेट को नई पहचान दिलाने वाली दीप्ति पटवा को सर्वश्रेष्ठ आयोजक का सम्मान
भोपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए आगरा में मिली ट्रॉफी

भोपाल। दिव्यांग खिलाड़ियों को क्रिकेट के मैदान पर पहचान और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत भोपाल की दीप्ति पटवा को अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट के सफल आयोजन के लिए सर्वश्रेष्ठ आयोजक के सम्मान से नवाजा गया। दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया की ओर से आगरा में आयोजित सम्मान समारोह में उन्हें ट्रॉफी प्रदान की गई।
दीप्ति पटवा ने पिछले वर्ष उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में भोपाल में अंतरराष्ट्रीय व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया था। प्रतियोगिता में भारत और श्रीलंका की टीमों के बीच तीन मैचों की सीरीज खेली गई। नेपाल की टीम को भी प्रतियोगिता में आमंत्रित किया गया था, लेकिन अंतिम समय में अपने देश की परिस्थितियों के चलते वह भोपाल नहीं आ सकी। इसके बावजूद श्रीलंका की टीम ने भोपाल पहुंचकर भारतीय टीम के साथ मुकाबले खेले और प्रतियोगिता को यादगार बनाया।
2022 में शुरू हुआ सफर
दिव्यांग खिलाड़ियों को खेल का मंच उपलब्ध कराने का यह सफर दीप्ति पटवा ने वर्ष 2022 में पुरुष व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट से शुरू किया था। शुरुआती आयोजन में कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह और उनके चेहरों की खुशी ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद लगातार चार वर्षों से पुरुष व्हीलचेयर एवं अस्थिबाधित महिला क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है।
श्रीमती दीप्ति पटवा ने भारत में प्रथम बार डे नाइट व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन कराया !
फिजिकली हैंडिकैप्ड फीमेल क्रिकेट टूर्नामेंट भारत में प्रथम बार भोपाल शहर में हुआ जिसे करने वाली संस्था उमंग गौरवदीप वेलफेयर सोसाइटी है !
इन प्रतियोगिताओं में देश के विभिन्न राज्यों से दिव्यांग खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कश्मीर की दिव्यांग महिला खिलाड़ियों ने बुर्का पहनकर क्रिकेट खेलते हुए अपने जज्बे का परिचय दिया। झारखंड और राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पुरुष व्हीलचेयर क्रिकेट मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक भी मैदान पर पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।
विशेष बच्चों के लिए भी कर रहीं काम
दीप्ति पटवा राजधानी में विशेष बच्चों के लिए उमंग गौरवदीप स्कूल का संचालन भी करती हैं। दिव्यांग बच्चों के साथ लंबे समय से काम करने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि खेलों के माध्यम से भी दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित की जा सकती है। इसी सोच के साथ उन्होंने दिव्यांग क्रिकेट प्रतियोगिताओं को निरंतरता दी।
सम्मान मिलने के बाद दीप्ति पटवा ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना है। उन्होंने कहा कि दिसंबर में होने वाले पांचवें वर्ष के पुरुष व्हीलचेयर एवं अस्थिबाधित महिला क्रिकेट टूर्नामेंट को पहले से और बेहतर स्तर पर आयोजित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।
समारोह की मुख्य अतिथि पूर्व विदेश राज्य मंत्री एवं पूर्व सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने खिलाड़ियों को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए। आयोजन सचिव हारून रशीद ने अतिथियों एवं खिलाड़ियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश कंचन एवं सीओ गजल खान ने किया।



