विधोदय तीर्थ में आचार्य संघ कि तप त्याग संयम की सधना चल रही है

भोपाल आचार्य समय सागर महाराज की सा संघ तप त्याग संयम की साधना अनवरत जारी हे, हो रही बारिश के बीच भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई, सुबह5 बजे से ही प्रभु आदिनाथ के दर्शन के साथ साधना शुरू हो गुरु वंदना जिन आराधना तत्व चर्चा पठन पाठन के साथ आचार्य भक्ति,, आचार्य श्री द्वारा ब्रह्मचारी भइया को तत्वार्थ सूत्र की व्याख्या समझाई, रत्नकरंडक श्रावकाचार समय सार ग्रंथ की व्याख्या का वाचन कर आचार्य श्री ने कहा मन पर पूरी तरह अंकुश लगा लिया तो जीवन शांत परिणाम निर्मल रहेगे, मन की मान का चलोगे, मन की इच्छाएं पूरी करोगे तो संसार चक्र में उलझते रहोगे, उन्होंने समझाकर कहा जैसे जल के ऊपर मठमेला पन रहता हे, मिट्टी जमी रहती हे , तो चेहरे का प्रतिबिंब पानी में नहीं दिखता, पानी निर्मल स्थिर शांत रहता हे, तभी छवि दिखाई देगी, उसी प्रकार मन में राग द्वेष की तरंगें उठती रहगी,, तो आत्म तत्व का दर्शन नहीं होगा, आचार्य श्री ने कहा संसारी प्राणी सभी जगह उलझ कर संसार के प्रत्येक पदार्थ को जानने में लगा हे, जबकि बहुत से पदार्थों में एक पदार्थ को भी पूरी तरह नहीं जान पा रहा, जबकि सभी पदार्थो को गौण कर प्रभु की आराधना सच्ची आराधना हे, जगत की क्रियाओं से मुक्त होकर, सभी संकल्प विकल्पों से रहित होकर मन को मन में एकाग्र करे ये ही सच्ची साधना है, प्रवक्ता अंशुल जैन ने बताया आचार्य विद्या सागर महाराज के गुणों की वदना में शाहपुरा समाज ने अरघ अर्पित किए, अध्यक्ष पंकज सुपारी मनोज बांगा निर्वाण संयोजक राकेश ओ एस डी कलश स्थापना पुण्यर्जक देवेंद्र रुचि पदम जैन घर मनीष राजेश कोयला परिवार ऋषभ मनीष प्रगति परिवार के साथ शाहपुरा जिनालय के दीप जैन सचिव अमित मोदी जयदीप दिवाकर शामिल थे,,





