अध्यात्मखबर

जब बालि और कालिया नाग के सवालों पर स्वयं भगवान हो गये निरुत्तर -ऋचा गोस्वामी

श्री राधाकृष्ण मंदिर एवं सामुदायिक भवन में राजधानी यादव समाज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन

जब भगवान को अपने भक्तों का मान रखने के लिए स्वयं को निरुत्तर होना पड़ा। पहला प्रसंग त्रेता युग का है जिसमें श्री राम ने बालि का बध किया तो उन्होंने प्रभु से सवाल किया कि मैं आपका दुश्मन और सुग्रीव प्यारा जो आपने मुझे छिपकर मारा । इस पर श्री राम ने कहा कि बालि आपने अपने भाई को राज्य से निकालकर अधर्म किया उसकी पत्नी छीन ली इसलिए तुम्हें सजा मिली लेकिन जो मांगो तुम्हारी इच्छा पूरी करूंगा। इसी प्रकार द्वापर में श्री कृष्ण कालिया नाग के सवालों पर निरुत्तर हो गए थे। यह बात कथा वाचक विदुषी ऋचा गोस्वामी ने राजधानी यादव समाज द्वारा श्री राधा कृष्ण मंदिर में आयोजित कथा में कहीं।

 

पहला प्रसंग किष्किन्धा के राजा बालि का। जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम ने छिपकर बालि का वध किया, तो बालि ने पूछा – “हे राम, आप धर्म की स्थापना के लिए आए हैं, फिर आपने कायरों की तरह मुझ पर वार क्यों किया?”
बालि के इस धर्म-संगत सवाल पर श्रीराम मौन हो गए।

दूसरा प्रसंग द्वापर का है। वृंदावन में कालिया नाग ने यमुना को विषाक्त कर दिया। श्रीकृष्ण ने उसे दंड दिया, पर जब कालिया की पत्नियों ने शरण मांगी, तो करुणानिधान कृष्ण को भी क्षमा करनी पड़ी।

इन दोनों कथाओं का सार यही है – तर्क और शक्ति से नहीं, समर्पण और भक्ति से ही प्रभु प्रसन्न होते हैं।

जय श्री राम, जय श्री कृष्ण।

### *2. ड्रामा / कथावाचक स्टाइल स्क्रिप्ट*
*2 किरदार + कथावाचक | यूट्यूब/स्टेज के लिए*

*[सीन 1: किष्किन्धा का रणक्षेत्र]*

*कथावाचक:* वृक्ष की ओट से बाण चलाकर प्रभु राम ने बालि का वध किया। धरती पर गिरते ही बालि ने आंखें खोलीं।

*बालि:* हे राम! आप तो मर्यादा के अवतार हैं। धर्म की रक्षा के लिए आए हैं। फिर पीठ पीछे वार क्यों? ये कौन सा धर्म है?
*राम:* …मौन…
*कथावाचक:* रघुकुल के सूरज के पास भी इस प्रश्न का उत्तर नहीं था।

*[सीन 2: यमुना किनारा, वृंदावन]*

*कथावाचक:* कालिया के फन पर कृष्ण नाच रहे थे। कालिया लहूलुहान। उसकी पत्नियां दौड़ी आईं।

*कालिया पत्नी:* प्रभु क्षमा कीजिए! ये अज्ञानी है। इसे जीवनदान दीजिए।
*कालिया:* हे नाथ, मैं आपकी ही सृष्टि हूं। मुझे मत मारिए।
*कथावाचक:* दंड देने को तैयार कृष्ण का हाथ रुक गया। करुणा में बोले – “जाओ कालिया, रमणक द्वीप में रहो।”

*[अंतिम लाइन – कथावाचक]*
“इसलिए कहा जाता है – भगवान भाव के भूखे हैं। बालि के त्याग और कालिया की शरण ने प्रभु को भी निरुत्तर कर दिया।”

आपको इन दोनों में से कौन सा वाला फाइनल करना है?
या मैं इसे *एंकर + VO + बाइट के साथ प्रॉपर टीवी स्क्रिप्ट फॉर्मेट* में PDF जैसी फाइल बनाकर दे दूं?

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