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सातवीं के छात्र की हरकत से छह छात्राओं को पीना पड़ी पेशाब, प्राचार्य बोले- मुंह खराब हो गया तो टॉफी खा लो

गुना जिले के आरोन ब्लॉक अंतर्गत घटावदा गांव के शासकीय स्कूल में सोमवार को हुई एक शर्मनाक घटना ने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। यहां सातवीं कक्षा के एक छात्र की घिनौनी शरारत की वजह से 6 छात्राओं को दूषित पानी पीना पड़ा।जानकारी के अनुसार सोमवार को लंच पीरियड के दौरान कक्षा सातवीं का एक शरारती छात्र क्लास में पहुंचा। उसने क्लास में रखी छात्राओं की पानी की बोतलों में पेशाब कर दिया। लंच खत्म होने के बाद जब छात्राएं वापस लौटीं तो उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था। प्यास लगने पर 6 छात्राओं ने अपनी-अपनी बोतल से पानी समझकर उसे पी लिया। थोड़ी देर बाद एक छात्रा के पेट में तेज दर्द शुरू हुआ। सहपाठियों से बातचीत में खुलासा हुआ कि बोतलों में पेशाब मिला हुआ था। यह सुनते ही क्लास में हड़कंप मच गया।प्राचार्य से शिकायत की तो उन्होंने खिलाई टॉफी
छात्राएं तुरंत प्राचार्य मूलचंद कौशिक के पास पहुंचीं। परिजनों का आरोप है कि गंभीरता दिखाने की बजाय प्राचार्य ने मामले को दबाने की कोशिश की। उन्होंने तत्काल बाजार से टॉफियां मंगवाकर छात्राओं को दीं और कहा कि घर पर इस बारे में किसी को मत बताना। स्कूल की छुट्टी के बाद जब छात्राएं घर पहुंचीं और उन्होंने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई तो परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।परिजनों ने किया हंगामा
मंगलवार सुबह जब प्राचार्य और शिक्षक स्कूल खोलने पहुंचे तो पीड़ित छात्राओं के परिजन पहले से गेट पर मौजूद थे। उन्होंने स्कूल में ताला नहीं खोलने दिया और जमकर हंगामा किया। उनका कहना था कि जब तक दोषियों पर कार्रवाई की जाए, स्कूल नहीं खुलने देंगे। सूचना मिलते ही मौके पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, आरोन तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित कर मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार शाम को आरोन एसडीएम मंजूषा खत्री ने सभी पीड़ित छात्राओं को अपने कार्यालय बुलाया। बंद कमरे में उन्होंने छात्राओं से घटना के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

जिम्मेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई
इस पूरे मामले पर जब कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल से बात की गई तो उन्होंने कहा, यह बेहद गंभीर और निंदनीय घटना है। बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होगा। मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी छात्र, प्राचार्य और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। शासकीय स्कूल को बच्चों का दूसरा घर माना जाता है। लेकिन घटावदा की इस घटना ने स्कूल की छवि को गहरा धक्का पहुंचाया है। शिक्षा विभाग अब पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले स्टाफ की भूमिका भी खंगाल रहा है। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारी संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। पीड़ित छात्राओं का स्वास्थ्य सामान्य बताया जा रहा है, लेकिन इस घटना ने गांव में अभिभावकों के बीच डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है

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