अखिल भारतवर्षीय धर्म संघ मनाया श्रावणी उपाकर्म
धर्माचार्य ,पंडित गंगा प्रसाद आचार्य

श्री गणेशाय नमः
ऊँ, श्री परमात्मने नमः
श्रावणी कर्म,उपाकर्म 28 अगस्त को भी श्री शीतल दास की बगिया में किया जाएगा। आचार्य,द्वय, गंगा प्रसाद आचार्य पंडित दिलीप शास्त्री,के, मार्गदर्शन एवं शीतल दास बगिया के, पुजारी पंडित करण महाराज के सानिध्य में वैदिक विधि विधान से संपन्न होगा श्रावणी कर्म, वैदिक परंपरा का महत्वपूर्ण, कर्म वार्षिक कर्म है। जो यज्ञोपवीत धारी वैदिक विद्वानों को सकारात्मक ऊर्जा का समावेश प्रदायक है वेद माता गायत्री की उपासना एवं वैदिक कर्मकांड के लिए श्रावणी कर्म परम आवश्यक है। इस कर्म में सर्व,विधि प्रायश्चित 10 विधि स्नान, तर्पण ऋषि पूजन हवन इत्यादि,के,साथ, पितृ पूजन यज्ञोपवितदान,यज्ञोपवीत,धारण,वँशव्रूवण,आदि,होता,है।षोडसोपचार,पूजन, पंचगव्य प्रशान,किया,जाता,है। हमारी प्राचीन ऋषि वैदिक परंपरा एवं संस्कृति,व, संस्कार सर्वतोभावेन, परम अनुकरणीय है। जिसका समुचित परिपालन, वैदिक कर्मकांडी विद्वानों के लिए तथा गायत्री उपासकों के लिए अत्यंत अनिवार्य,है।।
वटुक ब्राह्मण, ब्रह्मचारियों के लिए, वैदिक मार्ग प्रशस्त ,होता,है।।
श्रावणी कर्म की समस्त वैदिक विद्वानों को हृदय की गहराइयों से बहुत-बहुत बधाई एवं पर मंगल शुभकामनाएं।।
शुभेच्छुक।।
धर्माचार्य पंडित गंगा प्रसाद आचार्य
आचार्य पंडित दिलीप शास्त्री
पंडित आशुतोष शास्त्री
पंडित अंकित शास्त्री वैदिक
पंडित योगेश दुबे


