
भोपाल। लगातार तेजी के बाद अब शक्कर के बाजार में नरमी दिखाई देने लगी है। एक समय फुटकर बाजार में ₹70 प्रति किलो तक पहुंच चुकी शक्कर अब घटकर ₹62 प्रति किलो पर आ गई है। वहीं होलसेल मार्केट में शक्कर के भाव ₹56 से ₹58 प्रति किलो चल रहे हैं।
सरकार के हस्तक्षेप, स्टॉक की निगरानी और आपूर्ति को बेहतर बनाए रखने के प्रयासों से शक्कर की तेजी पर ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि सरकार के प्रयासों के बाद शक्कर बाजार में तेजी की गर्मी कम हुई है। थोक बाजार में भाव नीचे आने का असर फुटकर बाजार में भी दिखाई दे रहा है।
विवेक साहू ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा मासिक कोटा जारी होने के बाद शक्कर के दामों में और कमी आने की उम्मीद है।
मासिक कोटा बढ़ाएगा बाजार में आपूर्ति, भाव और नरम होने की उम्मीद
व्यापारियों के मुताबिक सरकार की ओर से निर्धारित मासिक कोटा बाजार में आने के बाद शक्कर की उपलब्धता और बढ़ेगी। इससे बाजार में आपूर्ति मजबूत होगी और कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है। यदि कोटा समय पर जारी होता रहा और पर्याप्त स्टॉक बाजार में उपलब्ध रहा तो आने वाले दिनों में शक्कर के भाव और नीचे आ सकते हैं।
त्योहारों में बनी रहेगी मिठास, सरकार के कदम पर नजर
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि आने वाले जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों में शक्कर की मांग बढ़ने की संभावना है। त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की खपत बढ़ने से शक्कर की मांग भी बढ़ती है। ऐसे में सरकार की कोशिश रहेगी कि बाजार में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे और मांग बढ़ने के बावजूद कीमतों में अनावश्यक तेजी न आए।
स्टॉक लिमिट, जमाखोरी पर निगरानी और नियमित मासिक कोटा जैसे कदम त्योहारों के दौरान बाजार में शक्कर की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इससे व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
रिटेल मे ₹70 से ₹62 किलो पर आई शक्कर
कुछ समय पहले तक फुटकर बाजार में ₹70 किलो तक पहुंची शक्कर अब करीब ₹62 किलो पर आ गई है, जबकि होलसेल बाजार में भाव ₹56-58 किलो हैं। कीमतों में आई यह नरमी उपभोक्ताओं के लिए राहत का संकेत है।
विवेक साहू ने कहा कि सरकार का बाजार में हस्तक्षेप सकारात्मक परिणाम दे रहा है। सरकार यदि मासिक कोटा समय पर जारी करती है, पर्याप्त स्टॉक बनाए रखती है और जमाखोरी पर प्रभावी निगरानी जारी रखती है तो त्योहारों के दौरान शक्कर के भाव नियंत्रण में रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “जन्माष्टमी से लेकर गणेश चतुर्थी, नवरात्रि और दीपावली तक त्योहारों का सिलसिला शुरू होने वाला है। ऐसे समय में शक्कर की पर्याप्त उपलब्धता और नियंत्रित कीमतें जरूरी हैं। सरकार के प्रयास जारी रहे तो आने वाले त्योहारों में आम परिवारों की मिठास बरकरार रहने की पूरी उम्मीद है।




