खबरमध्य प्रदेश

सृष्टि हॉस्पिटल संचालक राजकुमार सूर्यवंशी ने रखा अपना पक्ष, निष्पक्ष जांच की मांग

भोपाल। सृष्टि हॉस्पिटल के संचालक राजकुमार सूर्यवंशी ने अस्पताल को लेकर प्रकाशित खबर के संबंध में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मामले में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अंतिम निष्कर्ष सक्षम विभाग एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही सामने आना चाहिए

सूर्यवंशी ने कहा कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से उन्हें संबंधित मामले में नोटिस प्राप्त हुआ था, जिसका जवाब वे सक्षम अधिकारी के समक्ष पहले ही प्रस्तुत कर चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं को डॉक्टर बताकर मरीजों का उपचार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मामले में विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

उन्होंने अपने और नीरज यादव के बीच पूर्व से चले आ रहे विवाद का भी उल्लेख किया। सूर्यवंशी के अनुसार, उनकी शिकायत पर नीरज यादव के विरुद्ध पूर्व में आपराधिक प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसमें एफआईआर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी है और किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि अथवा निर्दोषता का निर्णय न्यायालय द्वारा ही किया जाएगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सूर्यवंशी ने एक पुरानी रिकॉर्डिंग का भी उल्लेख किया और कहा कि इसे संबंधित घटनाक्रम के संदर्भ में जांच के लिए सक्षम एजेंसी के समक्ष रखा जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिकॉर्डिंग के आधार पर वे किसी व्यक्ति अथवा संस्था पर कोई निष्कर्ष नहीं लगा रहे हैं।

सूर्यवंशी ने कहा कि अस्पताल की प्रतिष्ठा और मरीजों के विश्वास को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनके पास उपलब्ध दस्तावेज, विभागीय जवाब और अन्य साक्ष्य आवश्यकता के अनुसार संबंधित सक्षम अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि वे कानून और जांच प्रक्रिया का पूरा सम्मान करते हैं। यदि जांच में कोई तथ्य सामने आता है तो वे उसका पालन करेंगे, लेकिन उनका आग्रह है कि मामले में सभी पक्षों के दस्तावेज और तथ्यों को देखने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाए।

उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि अपना पक्ष और उपलब्ध दस्तावेज सक्षम मंच के समक्ष रखना है।

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