कल से शुरू होगा टैगोर नाट्य महोत्सव, रंग-संगीत और नाट्य प्रस्तुतियों से सजेगा मुक्तधारा
6 सितंबर को ‘गीतांजलि’ की सांगीतिक प्रस्तुति, ‘एक रात/अंतिम रात’ का मंचन और ‘टैगोर की सांस्कृतिक देन’ पर परिचर्चा

भोपाल, 5 सितंबर। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय एवं विश्व रंग फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय ‘टैगोर नाट्य महोत्सव’ का शुभारंभ कल 6 सितंबर 2026 को होगा। 6 से 9 सितंबर तक चलने वाले इस महोत्सव में रंग-संगीत, नाट्य प्रस्तुतियों, साहित्यिक परिचर्चा और समकालीन कथाओं के नाट्य रूपांतरण के माध्यम से गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
महोत्सव का उद्घाटन 6 सितंबर को रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय परिसर स्थित मुक्तधारा में होगा। पहले दिन के कार्यक्रमों की शुरुआत अपराह्न 3 बजे होगी।
‘गीतांजलि’ की सांगीतिक प्रस्तुति से होगा आगाज
महोत्सव के पहले दिन अपराह्न 3 से 3.30 बजे तक ‘गीतांजलि’ की विशेष सांगीतिक प्रस्तुति होगी। इसमें टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के नवागंतुक विद्यार्थी गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के गीतों की प्रस्तुति देंगे। इस प्रस्तुति का संगीत निर्देशन संतोष कौशिक करेंगे।
इसके बाद अपराह्न 3.30 से 4.15 बजे तक वरिष्ठ रंग निर्देशक एवं राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के पूर्व निदेशक देवेन्द्र राज अंकुर के निर्देशन में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की दो कहानियों ‘एक रात/अंतिम रात’ का नाट्य मंचन किया जाएगा। इसमें टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी अभिनय करेंगे।
‘टैगोर की सांस्कृतिक देन’ पर परिचर्चा
पहले दिन का प्रमुख आकर्षण शाम 4.15 से 5 बजे तक आयोजित होने वाली परिचर्चा ‘टैगोर की सांस्कृतिक देन’ होगी। इसकी अध्यक्षता सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार, विश्व रंग के निदेशक एवं रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे करेंगे।
परिचर्चा में रचनाकार उत्पल बैनर्जी, लेखक जयंत सिंह तोमर तथा टैगोर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक अविजित सोलंकी वक्ता के रूप में शामिल होंगे। युवा कथाकार एवं वनमाली कथा के संपादक कुणाल सिंह परिचर्चा का संचालन करेंगे।
7 से 9 सितंबर तक रवीन्द्र भवन में कहानी से रंगमंच तक
महोत्सव के अगले तीन दिनों में भोपाल के रवीन्द्र भवन स्थित अंजनी सभागार में सुप्रसिद्ध कवि-कथाकार संतोष चौबे की तीन कहानियों के नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत किए जाएंगे। वरिष्ठ रंग निर्देशक देवेन्द्र राज अंकुर के निर्देशन में ‘संभव नाट्य समूह, दिल्ली’ के कलाकार इन प्रस्तुतियों का मंचन करेंगे।
7 सितंबर: ‘गरीब नवाज़’
8 सितंबर: ‘उनके हिस्से का प्रेम और लेखक बनाने वाले’
9 सितंबर: ‘सतह पर तैरती उदासी’
तीनों नाट्य प्रस्तुतियां शाम 7 बजे से आयोजित होंगी।




