खबरमध्य प्रदेश

प्रदेशभर में ट्रांसमिशन नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए नवाचारों पर जोर : एम डी सुनील तिवारी-

एमपी ट्रांसको के अर्थिंग सुधार कार्यों के नवाचार किया निरीक्षण

भोपाल । मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने 220 केवी सब स्टेशन नयागांव, जबलपुर से निकलने वाली 132 केवी नयागांव-व्हीकल फैक्ट्री-विनोबा भावे ट्रांसमिशन लाइन पर टावरों की अर्थिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए कंपनी के अभियंताओं द्वारा किए जा रहे नवाचार एवं रिसर्च आधारित कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश में ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए तकनीकी नवाचारों और अनुसंधान आधारित समाधानों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। ऐसे नवाचारों का लाभ केवल मध्य प्रदेश तक सीमित न रहकर पूरे पावर सेक्टर को मिलना चाहिए।

प्रदेशभर में ट्रांसमिशन नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने के प्रयास–

श्री तिवारी ने कहा कि एमपी ट्रांसको प्रदेशभर में ट्रांसमिशन लाइनों की उपलब्धता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए विभिन्न तकनीकी उपायों एवं नवाचारों पर कार्य कर रही है। टावरों की अर्थिंग व्यवस्था को मजबूत बनाना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे आकाशीय बिजली सहित अन्य कारणों से होने वाली ट्रिपिंग की घटनाओं में कमी लाने और निर्बाध विद्युत पारेषण सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

टावर फुटिंग रेजिस्टेंस कम करने के लिए किए जा रहे विशेष प्रयास-

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टावर फुटिंग रेजिस्टेंस (टीएफआर) को निर्धारित मानकों के अनुरूप लाने का कार्य प्राथमिकता और सटीकता के साथ किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रभावी अर्थिंग व्यवस्था ट्रांसमिशन लाइनों की विश्वसनीयता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

भविष्य के शहरी विस्तार को ध्यान में रखकर हों निर्माण कार्य–

प्रबंध संचालक ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों एवं कस्बों में आवासीय क्षेत्रों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसी स्थिति में ट्रांसमिशन टावरों और लाइनों के निर्माण एवं उन्नयन कार्यों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां आवश्यक हो, वहां दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाते हुए टावरों की ऊंचाई एवं अन्य तकनीकी मानकों का निर्धारण किया जाए, ताकि भविष्य में आसपास आबादी विकसित होने पर सुरक्षा और आवश्यक क्लीयरेंस संबंधी समस्याएं उत्पन्न न हों।

निरीक्षण के दौरान मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस डी.के. अग्रवाल, मुख्य अभियंता (कार्य) सतीश दुबे,अधीक्षण अभियंता आर.एस. पांडे, कार्यपालन अभियंता ए.पी.एस. चौहान, हर्ष श्रीवास्तव, जितेंद्र तिवारी तथा सहायक अभियंता राजेश तिवारी उपस्थित थे।

*

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button