स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी के 97वें जन्मदिवस पर भव्य ‘गीतांजलि संगीत संध्या’ आयोजित

विदिशा। शहर के सार्वजनिक वाचनालय एवं लीजेंड्स म्यूजिक ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी के 97वें जन्म जयंती की पूर्व संध्या पर एक गरिमामय एवं संगीतमय कार्यक्रम ‘गीतांजलि संगीत संध्या’ का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में सबसे पहले वरिष्ठ कवि स्वर्गीय जगदीश श्रीवास्तव जी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिसमें प्रबुद्ध जन कालूराम पथिक, डॉक्टर शीलचंद्र पालीवाल, के एन शर्मा, के के पंजाबी, सुलखान सिंह हाडा के विचारों के साथ उपस्थित सभी लोगों ने श्रद्धांजलि दी। वही लायन अरुण कुमार सोनी ने काव्य के माध्यम से श्रद्धांजलि व्यक्त की। कार्यक्रम का सफल संचालन उदय ढोली ने किया। इसके पश्चात लता जी के स्मरण में दो सत्रों में संगीतमय प्रस्तुतियों का दौर शुरू हुआ, जिसमें सर्वप्रथम मुख्य अतिथि दीदी ज्योति शाह कार्यक्रम के अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी, के के पंजाबी, सुनील जैन के ,एन शर्मा, आदि मंचासीन पदाधिकारीयों का स्वागत गुलदस्ता एवं मालाओं से वाचनालय से सतीश खत्री के के पंजाबी आदि के द्वारा किया गया। लता जी के बारे में लीजेंड म्यूजिक ग्रुप के अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी, सुलखान सिंह हाडा एवं के के पंजाबी आदि द्वारा स्वर कोकिला लता मंगेशकर की जयंती पर उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। जयंती पूर्व संध्या पर स्थानीय कलाकारों ने लता जी के अमर गीतों को अपनी मधुर आवाज देकर समां बांध दिया।
संगीतमय प्रस्तुतियाँ:
प्रशंसा: ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ एवं ‘अजीब दास्तान है ये’
हंसजा सोबी: ‘नाम गुम जाएगा’ चेहरा ये बदल जाएगा
सपना श्रीवास्तव: ‘तुम ही मंदिर, तुम ही पूजा’
खुशी सक्सेना: ‘तूने ओ रंगीले कैसा जादू किया’
शिखा शर्मा: ‘ये मेरा दिल प्यार का दीवाना’
शंकर लाल: ‘यशोमती मयैया से बोले नंदलाला’
संजय चौधरी: ‘नैनों में बदरा छाए’
सुदर्शन सोनी: ‘आप आए तो दिले नाशाद आया’
संतोष सक्सेना: ‘कोरा कागज था ये मन मेरा’
सिद्धार्थ सोनी: ‘हो गया है मुझको तो प्यार सजाना’
प्रखर श्रीवास्तव: ‘तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है’
शत्रुघ्न: ‘तुम ही आशा विश्वास हमारे’
प्रदीप पारस एवं नीता चतुर्वेदी: ‘तेरे होंठों के दो फूल प्यारे’
सुशील एवं शिखा: ‘देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए’
कार्यक्रम का समापन सभी कलाकारों द्वारा सामूहिक रूप से लता जी को समर्पित अमर गीत “जिंदगी प्यार का गीत है” गाकर किया गया।
कार्यक्रम का कुशल एवं सफल संचालन म्यूजिक ग्रुप के संयोजक प्रदीप जैन ‘पारस’ द्वारा किया गया। जिसकी मुख्य अतिथि ने संचालन एवं कलाकारों द्वारा दिए गए परफॉर्मेंस की भूरी भूरी प्रशंसा की । आयोजन में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से दिनेश मोहन श्रीवास्तव, राजेंद्र कटारे, कमला चतुर्वेदी, संजय श्रीवास्तव, विजय शर्मा, बालकृष्ण गोगटे आदि शामिल हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी आगंतुकों एवं कलाकारों का आभार प्रदर्शन दोनों कार्यक्रमों के सूत्रधार एवं वाचनालय की महामंत्री भाई सतीश खत्री द्वारा किया गया।






