युवा विद्यार्थियों और स्टार्टअप्स उद्यमियों से संवाद करेंगे. रायपुर 28 सितंबर 2026 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कल 29 सितम्बर को प्रातः 11 बजे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय ’“यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कॉन्क्लेव-2026’ में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री कॉन्क्लेव में शामिल युवा नवोन्मेषी विद्यार्थियों एवं स्टार्टअप्स उद्यमियों से संवाद करेंगे। यूथ कॉन्क्लेव में युवाओं के नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों के स्टार्टअप्स द्वारा अपने नवाचारों, उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय विश्वविद्यालय परिसर स्थित नवनिर्मित सुभाष चंद्र बोस बायोटेक्नोलॉजी इन्क्यूबेशन सेंटर का भी अवलोकन करेंगे। इस केंद्र के माध्यम से नवाचारकर्ताओं एवं स्टार्टअप्स को तकनीकी सुविधाएं और इन्क्यूबेशन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नवाचार एवं उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन के अवसरों से जोड़ना है। बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से उभर रहे नवाचारों को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। कॉन्क्लेव के माध्यम से “विचार से नवाचार और नवाचार से उद्यमिता” की दिशा में युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
दिल्ली की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बेला एस्टेट के 729 मतदाताओं में से 728 नाम गायब होने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। रिपोर्ट प्रकाशित होने के कुछ दिन बाद सोमवार शाम कांग्रेस नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बेला एस्टेट की झुग्गी बस्ती पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा उठाया।बेला एस्टेट में राहुल गांधी का एसडीएम को फोन
राहुल गांधी ने लोगों से मुलाकात का एक वीडियो भी ‘एक्स’ पर साझा किया, जिसमें वह क्षेत्र के एसडीएम (उप जिला दंडाधिकारी) से फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं।वीडियो में राहुल एसडीएम से मतदाताओं के नाम हटाने के कारणों के बारे में पूछते नजर आ रहे हैं और बातचीत के आखिर में वह चेतावनी भरे लहजे में कहते हैं, ‘आप मुझे अपना पूरा नाम, पद के बारे में जानकारी दे दीजिए, मैं आपको दूसरे तरीके से देखता हूं।’ राहुल गांधी ने पोस्ट में लिखा, ‘एसडीएम से फोन पर मैंने यही कहा- मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद सीईसी ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि ‘हाउस नंबर 0’ बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों के नाम काट दिए गए।’
