खबरमध्य प्रदेश

3 से 8 अक्टूबर तक होगा ‘विश्वरंग नालंदा’

पूर्वोत्तर भारत एवं दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के परिप्रेक्ष्य में भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं कलाओं का होगा संवाद

भोपाल, 29 सितंबर 2026 । रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल से जुड़े विश्वरंग का आठवां संस्करण 3 से 8 अक्टूबर 2026 तक बिहार के वैशाली, पटना और नालंदा में आयोजित किया जाएगा। छह दिवसीय आयोजन में पूर्वोत्तर भारत एवं दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के परिप्रेक्ष्य में भाषा, साहित्य, संस्कृति एवं कलाओं पर संवाद होगा।

विश्वरंग के महानिदेशक संतोष चौबे ने कहा, “नालंदा केवल भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह भारत और एशिया के बीच भाषा, विचार, संस्कृति और ज्ञान के ऐतिहासिक संवाद की महत्वपूर्ण भूमि रही है। विश्वरंग नालंदा के माध्यम से हमारा प्रयास है कि इस समृद्ध विरासत को केवल अतीत की स्मृति के रूप में न देखा जाए, बल्कि उसे वर्तमान और भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ा जाए। भारतीय भाषाओं की विविधता, साहित्य, कला, अनुवाद और ज्ञान-परंपरा में आज के समय के लिए भी अनेक संभावनाएं मौजूद हैं। इस आयोजन के माध्यम से विभिन्न भाषाओं और क्षेत्रों के रचनाकारों, शिक्षाविदों और विचारकों को एक साझा मंच पर लाकर नए सांस्कृतिक और बौद्धिक संवाद को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।”

कार्यक्रम के प्रथम चरण की शुरुआत 3 अक्टूबर को सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, वैशाली में होगी, जहां आमंत्रित अतिथि विश्वविद्यालय का भ्रमण करने के साथ विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। इसके बाद वैशाली स्तूप का भ्रमण भी किया जाएगा।

4 अक्टूबर को पटना संग्रहालय में मुख्य कार्यक्रम का उद्घाटन होगा। इस दौरान विश्वरंग फिल्म का प्रदर्शन, दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों की सांस्कृतिक चेतना पर व्याख्यान तथा 8वीं टैगोर राष्ट्रीय कला संगोष्ठी के अंतर्गत सत्यजीत रे की द इनर आई का प्रदर्शन होगा। इसके साथ ही रवीन्द्रनाथ टैगोर की चित्रकला पर विशेष प्रदर्शनी और समकालीन भारतीय कला पर परिचर्चा आयोजित की जाएगी।

5 अक्टूबर को पटना के कॉलेज ऑफ आर्ट एंड क्राफ्ट और प्रेमचंद रंगशाला में टैगोर बाल चित्रकला कार्यशाला, लोक कला प्रस्तुतियां, शोभायात्रा तथा नाट्य प्रस्तुति आयोजित होगी। 6 अक्टूबर को नालंदा, राजगीर की ऐतिहासिक धरोहर का भ्रमण किया जाएगा।

विश्वरंग कांर्यक्रम का दूसरा चरण 7 और 8 अक्टूबर को नालंदा विश्वविद्यालय की सहभागिता से नालंदा में होगा। विश्वरंग के दूसरे चरण में मुख्य बौद्धिक एवं साहित्यिक सत्र होंगे। इनमें नालंदा की विरासत ; पूर्वोत्तर भारत एवं दक्षिण एशियाई भाषाओं की साझा जमीन ; कलाओं में संस्कृति का रूपांकन ; अनुवाद-भाषा ; परंपरा और विकास तथा नालंदा की ज्ञान परंपरा और भविष्य के विश्वविद्यालय जैसे विषयों पर चर्चा होगी।

8 अक्टूबर को भारतीय भाषायी सांस्कृतिक चेतना एवं एकता के सूत्र , पूर्व एवं पूर्वोत्तर राज्यों में भाषाओं का अंतःराग, दक्षिण एशियाई देशों में बौद्ध दर्शन के भाषाई एवं सांस्कृतिक प्रभाव तथा नालंदा से नई अर्थ चेतना तक—व्यापार, संस्कृति और सतत विकास जैसे विषयों पर संवाद होगा। आयोजन में बहुभाषा कविता पाठ भी प्रमुख आकर्षण रहेगा, जिसमें हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, मराठी, ओडिया और असमिया सहित विभिन्न भारतीय भाषाओं के रचनाकार शामिल होंगे।

कार्यक्रम में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल ; नालंदा विश्वविद्यालय ; सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, वैशाली; आइसेक्ट यूनिवर्सिटी, हजारीबाग; स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी, भोपाल; सी.वी. रमन यूनिवर्सिटी, बिलासपुर एवं खंडवा ; गुवाहाटी विश्वविद्यालय, आईआईटी खड़गपुर ; त्रिपुरा विश्वविद्यालय ; मिजोरम विश्वविद्यालय ; दिल्ली विश्वविद्यालय ; इग्नू ; कलकत्ता विश्वविद्यालय ; एफटीआईआई और एमिटी यूनिवर्सिटी सहित अनेक प्रमुख शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि सहभागी होंगे।

साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र से अरुण कमल, अलका सरावगी, ए. अरविन्दाक्षन, देवेन्द्र राज अंकुर, जितेंद्र श्रीवास्तव, जयंत परमार, प्रफुल्ल शिलेदार, यतीन्द्र मिश्र, सोमा बंद्योपाध्याय और अनंत विजय सहित अनेक साहित्यकार एवं विचारक कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।

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