सौरभ राजपूत हत्याकांड में दोषी करार दिए जाने के बाद मुस्कान और साहिल की बेचैनी बढ़ गई है। फांसी की सजा के डर से दोनों मानसिक दबाव में बताए जा रहे हैं। जेल सूत्रों के मुताबिक, फैसले के बाद से मुस्कान और साहिल परेशान हैं। सुबह से दोनों के रोने की बात भी सामने आई है। साहिल को पहली बार रोते हुए देखा गया।
सौरभ का फाइल फोटो व मुस्कान और साहिल
मुस्कान अपनी मासूम बेटी को सीने से लगाए रहती है। उसे बेटी के भविष्य की चिंता सता रही है। इसी को लेकर उसने जेल अधीक्षक से सवाल भी किए। जेल प्रशासन अब मुस्कान की काउंसिलिंग कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि उसे मानसिक रूप से संभाला जा सके।
सौरभ हत्याकांड, साहिल-मुस्कान
इस बीच मुस्कान ने जेल में अदालत की प्रक्रिया और वकील से जुड़े सवाल भी पूछे। बताया जा रहा है कि दोषी करार दिए जाने के बाद उससे मिलने के लिए अभी तक कोई परिजन जेल नहीं पहुंचा है। परिवार की ओर से दूरी बनाए रखने की बात भी चर्चा में है। उधर, सजा सुनाए जाने के बाद दोनों को जेल के नियमों के तहत दूसरी जेल में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है। फिलहाल सभी की निगाहें अदालत के सजा संबंधी फैसले पर टिकी हैं। हत्याकांड में दोषसिद्धि के बाद दोनों के सामने अब सजा का फैसला सबसे बड़ी कानूनी चुनौती है।
दोषी करार देने के बाद रोने लगे थी मुस्कान और साहिल
जिला कारागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बुधवार शाम करीब 4:35 बजे मुस्कान और साहिल की पेशी हुई। जब जिला जज ने उन्हें दोषी करार दिया तो दोनों रोने लगे। जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान अपने दुपट्टे से और साहिल अपने हाथों से आंसू पोंछते हुए बैरक में लौटा। मुस्कान तीन दिन से जेल में पूजा कर रही थी। बुधवार को दोनों ने जेल में खाना भी कम खाया।
कोर्ट से बाहर आता सौरभ का भाई और मां।
अदालत के निर्णय से राहत, मिले फांसी की सजा
मुस्कान और साहिल को दोषी करार देने के दौरान सौरभ की मां रेनू देवी, भाई बबलू, ताई इंद्रा और बुआ कुसुम आदि परिजन भी न्यायालय में मौजूद थे। परिजनों ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें राहत मिली है। दोनों आरोपियों ने निर्मम तरीके से सौरभ की हत्या की है। उन्हें उम्मीद है कि दोनों दोषियों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी।
कचहरी में सौरभ की बुआ और मौसी।
बदल गया था व्यवहार
डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि दोनों पहले जेल में सामान्य जिंदगी व्यतीत कर रहे थे, लेकिन 30 सितंबर को फैसले की तारीख तय होने के बाद से उनके व्यवहार में बदलाव दिखाई देने लगा। कुछ दिनों से दोनों खानपान भी सही से नहीं ले रहे थे। मुस्कान तीन दिन पहले से सुंदर कांड के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा करने में लगी रही।
मां-बाप और बड़ी बेटी से मिलना चाहती है मुस्कान
मुस्कान ने जेल अधिकारियों से अपने मां-बाप और बेटी से मिलने की इच्छा जताई थी। इस पर जेल अधिकारियों ने उसे बताया कि उसके मां-बाप मिलने आएंगे तो उसे मिलवा दिया जाएगा। जेल में किसी को विशेष रूप से घर से बुलाकर नहीं मिलवाया जाता। मुस्कान अपनी बड़ी बेटी से मिलने के लिए काफी इच्छुक है। उसकी छोटी बेटी उसके साथ जेल में रह रही है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि अब तक मुस्कान से मिलने कोई भी पारिवारिक सदस्य नहीं आया है।