संत प्रेमानंद के आश्रम में गया युवक, बाहर नहीं आया’: मेरठ का परिवार पहुंचा वृंदावन, एक घंटे तक चला हंगामा

मेरठ के इंद्रपुरम कॉलोनी, परतापुर निवासी नेत्रपाल सिंह सोमवार को अपने 20 वर्षीय बेटे प्रिंस की तलाश में श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम के बाहर स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार के बीच दोपहर करीब 2:30 बजे तीखी नोकझोंक हो गई, जहां लोगों ने दो साल बाद खोजबीन करने पर सवाल उठाते हुए इसे संत प्रेमानंद की छवि खराब करने का आरोप लगाया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने वीडियोग्राफी कर रहे एक युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद उसे माफीनामा लिखवाकर छोड़ दिया।संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद लापता हुए अपनों की तलाश में कई लोग वृंदावन पहुंच रहे हैं। मेरठ के इंद्रपुरम कॉलोनी, परतापुर निवासी नेत्रपाल सिंह अपने परिवार के साथ 9 मई 2024 को वृंदावन आए थे। परिवार में दो बेटे, दो बेटी हैं, जिनमें प्रिंस सबसे बड़ा है। 20 वर्षीय प्रिंस ने 5 मई को नीट की परीक्षा दी थी, जिसमें उसने 560 अंक प्राप्त किए थे। 10 मई को सुबह करीब 6 बजे प्रिंस आश्रम में संत से एकांतिक वार्तालाप का टोकन लेकर अंदर गया था, लेकिन उसके बाद वह बाहर नहीं निकला।परिजन ने बताया कि वे घंटों बाहर इंतजार करते रहे, लेकिन जब प्रिंस वापस नहीं आया तो आश्रम के साधुओं और सेवादारों से पूछताछ की। साधुओं ने पहले इंतजार करने को कहा और फिर बाद में पुलिस के पास जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन ने वृंदावन थाने में गुमशुदगी की दर्ज कराई। प्रिंस के पिता नेत्रपाल सिंह का आरोप है कि पुलिस और आश्रम प्रशासन से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है। वह कई बार 15-15 दिनों तक वृंदावन में रुककर बेटे की तलाश कर चुके हैं। परिजन का कहना है कि प्रिंस के लापता होने के बाद से उसकी बहन सदमे में है और उसकी तबीयत बेहद खराब हो चुकी है। हम सिर्फ यह चाहते हैं कि हमारा बेटा हमें सही सलामत मिल जाय।सीसीटीवी फुटेज में जाता दिखा प्रिंस
परिजन ने एक सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से दावा कर रहे हैं कि प्रिंस एक साधु वेशधारी के साथ जाता हुआ दिखाई दे रहा है। नेत्रपाल सिंह का कहना है कि आश्रम प्रबंधन लगातार टालमटोल कर रहा है। उनका कहना है कि अगर बच्चा अपनी मर्जी से भी रुका है तो कम से कम एक बार परिवार से बात कराई जाए। पीड़ित का आरोप है कि गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद पुलिस जांच में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन हर जगह से केवल आश्वासन ही मिला है। पीड़ित परिवार ने सरकार और उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।
पुलिस ने युवक से केवल पूछताछ की थी। परिजन की शिकायत पर जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



