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नेपाल में फिर बिगड़ा मौसम: भारी बारिश के बाद बाढ़ का मंडराया खतरा, कई नदियों का जलस्तर बढ़ने की मिली चेतावनी

नेपाल में भारी बारिश के बाद कई पश्चिमी जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है। शुक्रवार तक बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। हालिया आपदाओं में 27 लोगों की मौत हुई, जबकि हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं।

नेपाल के कुछ हिस्सों में बुधवार को भारी बारिश हुई, जिसके बाद अधिकारियों ने कई पश्चिमी जिलों की छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ने और अचानक बाढ़ आने की चेतावनी जारी की।

मौसम विज्ञान विभाग की ओर से क्या बताया गया? 
हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के ‘बाढ़ पूर्व चेतावनी सिस्टम’ ने बताया कि अर्घाखांची जिले के सिमलपानी जल मापन केंद्र पर तीन घंटे में 84.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। विभाग ने चेतावनी दी कि इस इलाके और आसपास के क्षेत्रों की छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ सकता है।विभाग ने क्या चेतावनी दी? 
विभाग ने यह भी बताया कि बांके और बर्दिया जिलों में कई जगहों पर तीन घंटे के दौरान मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई, जिससे छोटी नदियों में जलस्तर बढ़ने और अचानक पानी का बहाव तेज होने की आशंका है। एक अलग चेतावनी में, विभाग ने कहा कि दारचुला, बैतडी, बझांग, डोटी, डडेलधुरा, बांके, बर्दिया, कैलाली और कंचनपुर तथा आसपास के इलाकों की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने का मध्यम खतरा है।देश के कई अन्य हिस्सों में भी भारी बारिश हुई है। नेपाल के राष्ट्रीय प्रसारक ‘रेडियो नेपाल’ ने मौसम वैज्ञानिकों के हवाले से बताया कि चितवन, पाल्पा और कैलाली में भारी बारिश हुई, जबकि नवलपुर, तनहुं, गोरखा, अर्घाखांची और रूपंदेही में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटनाएं हुईं। लुंबिनी और सुदूरपश्चिम प्रांतों के कुछ हिस्सों के साथ-साथ बागमती, गंडकी और कर्णाली के पहाड़ी इलाकों में भी भारी बारिश की संभावना है।

कब से हालात सामान्य हो सकता है? 
अगले कुछ दिनों तक मौसम के अस्थिर रहने की उम्मीद है। शुक्रवार तक आंधी-तूफान, बिजली गिरने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि शनिवार से हालात धीरे-धीरे बेहतर होंगे। यह ताजा बारिश ऐसे समय में हुई है जब नेपाल पहले आई बाढ़ और भूस्खलन के असर से जूझ रहा है।

‘राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण’ के अनुसार, 24 से 27 सितंबर के बीच हुई भारी बारिश के कारण देश भर में आपदा की 542 घटनाएं हुईं। इनमें 304 भूस्खलन, 87 बाढ़ और 151 घटनाएं सीधे तौर पर भारी बारिश से जुड़ी थीं।

इन आपदाओं में 27 लोगों की मौत हो गई, चार लोग लापता हो गए और आठ लोग घायल हुए, जबकि 1,082 परिवार प्रभावित हुए। उन्होंने 227 घरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया, 142 घरों को आंशिक रूप से नुकसान पहुंचाया और 31 पुलों को क्षतिग्रस्त कर दिया। 9,80,000 से ज्यादा लोगों को बाढ़ की चेतावनी वाले मैसेज मिले और लगभग 2,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया।ये घटनाएं मध्य और उत्तरी नेपाल में आई विनाशकारी अचानक बाढ़ के लगभग एक महीने बाद हुई हैं, जिसमें 1,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 5,000 लोग लापता हो गए थे।

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