विवृति एसेट मैनेजमेंट ने विंटेज-II फंड्स से सफलतापूर्वक किया एग्जिट शुरुआत से अब तक निवेशकों को लौटाई ₹3,400 करोड़ से अधिक की राशि
विंटेज-II के तहत तीन क्रेडिट फंड्स ने ₹1,700 करोड़ से अधिक जुटाए और 45 से ज्यादा पोर्टफोलियो कंपनियों में पूंजी लगाई। • इसके साथ ही VAM ने दो फंड विंटेज के जरिए निवेशकों को अब तक ₹3,400 करोड़ से अधिक की पूंजी और आय लौटाई।

मुंबई, 8 अक्टूबर 2026: भारत की प्रमुख प्राइवेट क्रेडिट एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में से एक विवृति एसेट मैनेजमेंट (VAM) ने विंटेज-II फंड्स के सफलतापूर्वक पूरा होने और एग्जिट की घोषणा की है। इसमें तीन परफॉर्मिंग क्रेडिट स्कीमें शामिल हैं। निर्धारित फंड अवधि के भीतर इन फंड्स ने अपने उद्देश्यों को पूरा किया। इसके साथ ही VAM ने दो फंड विंटेज के जरिए निवेशकों को पूंजी वापसी और आय वितरण के रूप में ₹3,400 करोड़ से अधिक लौटाए हैं। इन फंड्स की पूरी अवधि के दौरान कारोबारी माहौल, नीतिगत दरों, लिक्विडिटी और भू-राजनीतिक परिस्थितियों में लगातार बदलाव देखने को मिला।
विंटेज-II फंड्स
विंटेज-II फंड्स की शुरुआत 2022 की शुरुआत में हुई थी। सभी पूंजी प्रतिबद्धताएं जुटाने के बाद सितंबर 2023 तक इनका अंतिम क्लोजर पूरा हुआ। फंड में निवेश करने वालों में संस्थागत निवेशक, जैसे बीमा कंपनियां और एआईएफआई, के साथ निजी निवेशक, फैमिली ऑफिस और हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs) शामिल हैं।
अलग-अलग विंटेज में VAM ने कंजर्वेटिव और मॉडरेट जोखिम प्रोफाइल वाली स्कीमें पेश की हैं। विंटेज-II रणनीतियों के तहत VAM ने निवेशकों से ₹1,700 करोड़ की प्रतिबद्धता जुटाई और फंड की अवधि के दौरान 45 से अधिक पोर्टफोलियो कंपनियों में ₹3,500 करोड़ से अधिक का निवेश किया।
इन फंड्स में निवेश पाने वाली कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर—सड़क, पोर्ट, एयरपोर्ट और डिजिटल—क्लीन एनर्जी, मैन्युफैक्चरिंग—फर्टिलाइजर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस—तथा सर्विसेज—लॉजिस्टिक्स, को-वर्किंग, वित्तीय सेवाएं और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS)—जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं।
विंटेज-II फंड्स ने सामूहिक रूप से निवेशकों को ₹2,260 करोड़ से अधिक की पूंजी और आय लौटाई। मॉडरेट स्कीम ने करीब 15% का ग्रॉस आईआरआर दिया, जबकि कंजर्वेटिव स्कीम ने करीब 12% का ग्रॉस आईआरआर हासिल किया। कंजर्वेटिव स्कीम में केवल ‘ए’ कैटेगरी में रेटेड पोर्टफोलियो कंपनियों में निवेश किया गया था।
फीस और खर्चों के बाद सभी निवेशकों को मिलाकर मॉडरेट स्कीम का कुल रिटर्न करीब 13% और कंजर्वेटिव स्कीम का करीब 10.5% रहा।
विंटेज-II फंड्स के एग्जिट पर विवृति एसेट मैनेजमेंट के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक विनीत सुकुमार ने कहा, “प्राइवेट क्रेडिट तेजी से उस फाइनेंसिंग जरूरत को पूरा कर रहा है, जो पारंपरिक बैंक लोन और इक्विटी पूंजी के बीच आती है। कई ऐसी मजबूत और नकदी पैदा करने वाली कंपनियां हैं, जिन्हें पारंपरिक लेंडिंग स्ट्रक्चर की तुलना में अधिक लचीली पूंजी की जरूरत होती है। हमारा प्रयास ऐसे लेनदेन तैयार करना रहा है, जिसमें मजबूत कैश फ्लो के जरिए रिटर्न को समर्थन मिले और साथ ही निवेश में गिरावट के जोखिम से सुरक्षा भी हो। इसके लिए उचित सिक्योरिटी के साथ-साथ अलग-अलग क्षेत्रों और कंपनियों में निवेश का विविधीकरण किया गया।”
विवृति एसेट मैनेजमेंट के मुख्य निवेश अधिकारी (CIO) सौमेंद्र घोष ने कहा, “इन फंड्स से पूंजी की सफल वापसी और मजबूत नतीजे निवेशकों के पोर्टफोलियो में क्रेडिट की भूमिका को साबित करते हैं। साथ ही, यह भी दिखाते हैं कि इस एसेट क्लास में निवेश नहीं करने की अवसर लागत कितनी हो सकती है। पिछले सात वर्षों में दो फंड विंटेज के जरिए निवेशकों को ₹3,400 करोड़ लौटाए गए हैं। उम्मीद के मुताबिक इन फंड्स ने वही नतीजे दिए हैं, जिनके लिए यह एसेट क्लास जाना जाता है—स्थिर आय, पूंजी की अनुमानित वापसी और पूंजी पर लगातार रिटर्न, वह भी नतीजों में कम उतार-चढ़ाव के साथ। इसके साथ ही निवेश पाने वाली कंपनियों के सामने मौजूद कारोबारी चुनौतियों को लचीले पूंजी समाधान के जरिए दूर करना भी इन नतीजों का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।”




