
वडोदरा: भारतीय महिला टीम और जिम्बाब्वे की महिला टीम के बीच वडोदरा के कोटाम्बी स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हरा दिया। जिम्बाब्वे द्वारा दिए गए 198 रनों के लक्ष्य को भारतीय टीम ने महज 27.1 ओवरों में 1 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय टीम की इस एकतरफा और आसान जीत की मुख्य सूत्रधार सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल रहीं, जिन्होंने पारी की आखिरी गेंद पर चौका लगाकर अपना शानदार शतक पूरा किया और टीम को जीत दिलाई। 198 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को कप्तान स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने पावरप्ले में ही आक्रामक शुरुआत दिलाई। दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 94 रनों की मजबूत साझेदारी की। मंधाना 34 गेंदों में 32 रन बनाकर ओलिविया चारे की गेंद पर आउट हुईं। इसके बाद बल्लेबाजी करने आईं शेफाली वर्मा ने मैदान पर चौके-छक्कों की बारिश कर दी। शेफाली ने महज 33 गेंदों में 193.93 के स्ट्राइक रेट से आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 64 रन ठोके, जिसमें 5 चौके और 4 गगनचुंबी छक्के शामिल थे।
दूसरे छोर पर खड़ी प्रतिका रावल ने सूझबूझ और आक्रामकता का बेहतरीन नजारा पेश किया। 27वें ओवर की आखिरी गेंद (27.1 ओवर) पर जब भारत को जीत के लिए 2 रन और प्रतिका को अपने शतक के लिए 4 रन की दरकार थी, तब उन्होंने शानदार चौका जड़ा। इस बाउंड्री के साथ ही प्रतिका ने न केवल 96 गेंदों में अपना पहला शतक (100* रन, 15 चौके) पूरा किया, बल्कि भारत को 137 गेंदें शेष रहते 9 विकेट से यादगार जीत भी दिला दी।
श्री चरणी और क्रांति गौड़ की घातक गेंदबाजी के आगे 197 पर सिमटा जिम्बाब्वे
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के आगे टिक नहीं सकी और 49.5 ओवरों में 197 रनों पर ऑलआउट हो गई। जिम्बाब्वे की ओर से बिलवेड बीजा ने सबसे ज्यादा 62 रनों की पारी खेली, जबकि मिचेल मविन्गा ने 29 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से गेंदबाजी में एन. श्री चरणी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 3 मेडन फेंककर महज 23 रन दिए और 4 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए। वहीं तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने 42 रन देकर 3 विकेट हासिल किए, जबकि दीप्ति शर्मा को 2 और शेफाली वर्मा को 1 सफलता मिली। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है।



