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दाऊदी बोहरा समुदाय सीहोर के 10 हजार स्कूली बच्चों की आंखों की जांच कराएगा

चार महीने के इस कार्यक्रम में आंखों की जांच, मुफ्त चश्मे और विशेषज्ञों से इलाज की सुविधा दी जाएगी

सीहोर, : दाऊदी बोहरा समुदाय की वैश्विक परोपकारी पहल ‘प्रोजेक्ट राइज़’ ने सीबीएम इंडिया ट्रस्ट के साथ मिलकर मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्कूली बच्चों के लिए आंखों की देखभाल का कार्यक्रम शुरू किया है। चार महीने के इस कार्यक्रम के तहत 6 से 18 साल की उम्र के 10,000 बच्चों की नजर की जांच की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य बच्चों की आंखों की समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित करना है, ताकि आंखों से जुड़ी समस्याएं उनकी पढ़ाई और विकास में बाधा न बनें। जांच में जिन बच्चों को नजर के चश्मे की जरूरत होगी, उन्हें मुफ्त चश्मे दिए जाएंगे। कार्यक्रम के तहत 900 बच्चों को चश्मे देने का लक्ष्य है। जिन बच्चों को आगे इलाज की जरूरत होगी, उन्हें विशेषज्ञों के पास भेजा जाएगा। साथ ही, ऐसे बच्चों की आंखों की पांच सर्जरी में मदद की जाएगी।

कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में सीहोर में हिज होलीनेस सैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन के प्रतिनिधि यूसुफ जकावी ने इस पहल के महत्व पर कहा, “कमजोर नजर बच्चों की पढ़ाई छूटने की उन वजहों में से एक है, जिन्हें आसानी से रोका जा सकता है। फिर भी इस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। खासकर उन परिवारों के लिए आंखों की सामान्य जांच कराना भी मुश्किल होता है। इस कार्यक्रम का मकसद इसी कमी को दूर करना है।”

दाऊदी बोहरा समुदाय के सीहोर स्थित प्रोजेक्ट राइज़ के समन्वयक ताहेर अली सैफी ने कहा, “कई बच्चे पढ़ना चाहते हैं, लेकिन नजर की समस्या के कारण पीछे रह जाते हैं। यह पहल उनके लिए वरदान साबित होगी।”

सीबीएम इंडिया ट्रस्ट के कार्यकारी निदेशक सोनी थॉमस ने कहा, “बच्चे साफ देख पाते हैं या नहीं, इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई, कक्षा की गतिविधियों में भागीदारी और दूसरे बच्चों के साथ मेलजोल पर पड़ता है। हम चाहते हैं कि आंखों की जांच सिर्फ एक बार होने वाली गतिविधि बनकर न रह जाए। यह बच्चों को उनकी जरूरत के इलाज से जोड़ने की शुरुआत हो। हमें प्रोजेक्ट राइज़ के साथ काम करके खुशी हो रही है। इसके जरिए हम सीहोर के स्कूली बच्चों तक आंखों की समावेशी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा सकेंगे।”

जांच के दौरान 10,000 बच्चों को आंखों की देखभाल और आंखों की आम समस्याओं से बचाव के आसान तरीके बताए जाएंगे। इसके अलावा, करीब 100 शिक्षकों को आंखों की शुरुआती जांच और स्कूलों में बच्चों की आंखों की देखभाल के तरीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

सीहोर के गवर्नमेंट सुभाष हायर सेकंडरी स्कूल के प्रिंसिपल आशीष शर्मा ने कहा, “पिछले तीन दिनों में 300 से ज्यादा विद्यार्थियों की जांच की जा चुकी है। आज जरूरतमंद विद्यार्थियों को चश्मे भी दिए गए। आंखों की ज्यादा जटिल समस्याओं वाले बच्चों को आगे की जांच और इलाज में भी मदद मिलेगी। हमारे विद्यार्थी इस अवसर को पाकर सचमुच सौभाग्यशाली हैं।”

कई बार बच्चों की कमजोर नजर का पता नहीं चल पाता। ग्रामीण, वंचित और कम आय वाले परिवारों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। बच्चों को अक्सर खुद पता नहीं चलता कि वे अपने सहपाठियों के मुकाबले कम साफ देख पा रहे हैं। पढ़ने में परेशानी, परीक्षा में कम अंक आना या स्कूल में दिलचस्पी कम होना जैसे संकेतों को भी अक्सर दूसरी वजहों से जोड़ दिया जाता है।

यह परियोजना ‘विजन फॉर एवरी चाइल्ड’ का हिस्सा है। प्रोजेक्ट राइज़ के तहत दाऊदी बोहरा समुदाय और सीबीएम इंडिया ट्रस्ट की साझेदारी में इसे मध्य प्रदेश के सीहोर और पश्चिम बंगाल के हावड़ा में चलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम का लक्ष्य दोनों जिलों के 20,000 स्कूली बच्चों की आंखों की जांच करना, उन्हें जागरूक करना, चश्मे देना और जरूरत के अनुसार आंखों की देखभाल की सेवाओं से जोड़ना है।

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