भारतीय सड़कों पर ड्राइविंग का आनंद क्लच और गियर लीवर वाली कारों से जुड़ा रहा है। लेकिन जैसे-जैसे ऑटोमैटिक कारें आम और एडवांस होती जा रही हैं, पैडल शिफ्टर्स वो फीचर बनकर उभरा है, जो ड्राइविंग पसंद करने वालों और रोजमर्रा के यूजर्स, दोनों का ध्यान खींच रहा है। अक्सर लोग स्टीयरिंग के पीछे लगे इन छोटे लीवरों को देखकर सोचते हैं कि ये काम कैसे करते हैं। और इन्हें इस्तेमाल कैसे किया जाए?
पैडल शिफ्टर क्या होते हैं?
सबसे पहले यह जानते हैं कि आखिर पैडल शिफ्टर क्या होते हैं। पैडल शिफ्टर स्टीयरिंग व्हील के पीछे लगे छोटे लीवर होते हैं, जिनसे आप ऑटोमैटिक या CVT कार में हाथ स्टीयरिंग से हटाए बिना मैन्युअली गियर बदल सकते हैं।
इन पर आमतौर पर “+” (अपशिफ्ट) और “–” (डाउनशिफ्ट) लिखा होता है। ये आपको एक्सेलेरेशन और इंजन ब्रेकिंग पर ज्यादा कंट्रोल देते हैं। इनसे ओवरटेक आसान होता है और ड्राइविंग में स्पोर्टी फील आती है, जबकि ऑटोमैटिक की सुविधा बनी रहती है।