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मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे समूहों की “आजीविका विपणन क्षमतावर्धन कार्यशाला’’ का शुभारंभ

एमेजॉन सहित विभिन्न ई-मार्केट पोर्टल पर उपलब्ध होंगे महिला समूहों के उत्पाद

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 25 फरवरी बुधवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में स्व-सहायता समूहों की आजीविका मिशन क्षमतावर्धन कार्यशाला का शुभारंभ करेंगे। कार्यशाला का उद्देश्य मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्व-सहायता समूहों के सदस्यों के मार्केटिंग के तहत क्षमतावर्धन के लिए प्रशिक्षण दिया जायेगा। इससे स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को उत्पाद विक्रय के लिये राष्ट्र स्तरीय वृहद बाजार उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यशाला में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल एवं राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित रहेंगी।

आजीविका मिशन की सीईओ  हर्षिका सिंह ने बताया है कि स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित-उत्पादों को जनसामान्य तक पहुंचाने के लिये ई-मार्केट पोर्टल एक उत्तम व्यवस्था है। इससे स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का प्रचार-प्रसार एवं विक्रय किया जाना आसान होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्व-सहायता समूहों की सदस्यों द्वारा उत्पादित-उत्पादों के विपणन की व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुये मार्केट से जुडाव करना है। इस क्रम में स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को ई-मार्केट से जोडने के लिये अमेजॉन पोर्टल पर ऑन वोर्डिंग कर विपणन की व्यापकता बढाने का प्रयास किया जायेगा।

सीईओ  सिंह ने बताया कि समूह उत्पादों की विपणन की प्रक्रिया को और व्यापक करने तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिये आजीविका उत्पादों को एमेजॉन पोर्टल पर ऑन वोर्ड किया जा रहा है। साथ ही उत्पादों के लोकव्यापीकरण तथा डिजीटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने के लिये 25 फरवरी को संस्थाओं के साथ मिशन द्वारा अनुबंध किया जा रहा है। इनमें प्रमुख रूप से इण्डिया पोस्ट, अमेजॉन सहेली, आईटीसी, एक्सेस डेव्हलपमेण्ट, बुद्धा फाउण्डेशन, ट्रिफ, एवं साईट सेवर के साथ एमओयू किया जा रहा है। इन संस्थाओं के साथ काम करते हुये समूहों तथा किसान उत्पादक कंपनियों को उद्यमिता प्रशिक्षण, उत्पाद लॉजिस्टिक सपोर्ट, ग्रामीण उद्यमों का प्रमोशन, पोषण एवं स्वास्थ्य आदि सहित दिव्यांगजनों के लिये विशेष रूप से सहयोग किया जायेगा।

कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की दीदीयों द्वारा सहभागिता की जायेगी। कार्यक्रम में सहभागी समूह सदस्यों का क्षमता वर्धन कर उन्हें उत्पादों के ऑन वोर्डिंग में सहयोग भी प्रदाय किया जायेगा। इससे कैश-लैस ट्रांजेक्शन को भी बढावा मिलेगा। मिशन के इस प्रयास से समूह उत्पादों की डिजीटल माध्यमों से वृहद मार्केट तक पहुंच बढेगी जिससे समूह सदस्यों का डिजिटल सशक्तिकरण होगा एवं आय बढाने के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त होंगे। मिशन अंतर्गत संचालित समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केन्द्र (सीएमटीसी) के प्रबंधन के पोर्टल की लांचिंग, होली हेम्पर का विमोचन, अजीविका मार्ट ग्वालियर क वर्चुअल शुभारंभ, जबलपुर एयरपोर्ट पर अवसर योजना के तहत आऊटलेट का शुभारंभ, आगर-मालवा, मुरैना एवं छतरपुर में जिला स्तरीय होली मेलों का वर्चुअल शुभारंभ, नवीन आजीविका एक्सप्रेस वाहनों का शुभारंभ एवं मिशन द्वारा तैयार किये गये प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन किया जायेगा।

राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत प्राकृतिक एवं जैविक पद्धतियों को बढावा देते हुये स्व-सहायता समूहों के माध्यम से अनेकों प्रकार की आजीविका गतिवधियां की जा रही हैं। प्रकृति एवं पर्यावरण के हित को ध्यान में रखते हुये इस बार होली पर विशेष रूप से प्राकृतिक रंग, पूजन सामग्री, गौ-काष्ठ, उत्पाद- गुलेरी, गोबर, गणेश, धूप बत्ती आदि विभिन्न प्रकार की मिठाइयाँ, गुजिया मिलटेल्ड नमकीन, ठण्डाई , वस्त्र एवं अन्य उत्पाद समूहों की बहनों द्वारा तैयार किये गये हैं। यह सभी आजीविका उत्पाद आजीविका मार्ट भोपाल हाट में 21 फरवरी से उपलब्ध हैं। 28 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक भोपाल हाट में आयोजित हो रहे दो दिवसीय होली मेले में भी उपलब्ध रहेंगे। साथ ही विभिन्न संभागीय एवं जिला स्तरीय होली मेलों में तथा जिलों में आजीविका रूरल मार्ट में भी उपलब्ध रहेंगे।

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