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दक्षिणी कमान के सेना कमांडर ने सुदर्शन चक्र कोर की परिचालन तत्परता की समीक्षा की

भोपाल, 24–25 फरवरी 2026. लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, दक्षिणी कमान ने भोपाल प्रवास के दौरान सुदर्शन चक्र कोर की परिचालन एवं प्रशासनिक तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। सेना कमांडर ने मिशन तत्परता, नई पीढ़ी के प्रशिक्षण उपक्रम, ड्रोन एवं एल्गोरिथ्मिक युद्ध क्षमताओं, विकसित हो रहे संगठनात्मक ढांचे, एआई-सक्षम बल संरचना तथा आधारभूत संरचना आधुनिकीकरण का मूल्यांकन किया। उन्हें भारतीय सेना के ‘ईयर ऑफ नेटवर्किंग एंड डेटा सेंट्रिसिटी’ के अनुरूप तीव्र तकनीकी समावेशन की रूपरेखा से अवगत कराया गया, जो एक डिजिटल रूप से सशक्त एवं डेटा-केंद्रित युद्धक बल के निर्माण की दिशा में प्रगति को रेखांकित करता है। उन्होंने सुदर्शन चक्र एडवांस्ड ड्रोन वारफेयर स्कूल का भी दौरा किया, जो भविष्य के युद्धक क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने वाला एक प्रमुख संस्थान है। गठन की दूरदर्शी सोच की सराहना करते हुए उन्होंने परिचालन क्षमता को सुदृढ़ करने हेतु उभरती प्रौद्योगिकियों के समेकन के महत्व पर बल दिया तथा सभी रैंकों को गतिशील सुरक्षा परिवेश में सजग एवं मिशन-केंद्रित बने रहने के लिए प्रेरित किया। अपने दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने भोपाल स्थित दक्षिणी कमान के मिलिट्री–सिविल फ्यूजन नोड का भी निरीक्षण किया, जहां केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के 50 कार्मिकों के लिए हवाई अड्डा सुरक्षा एवं आकस्मिक प्रतिक्रिया पर केंद्रित दो सप्ताह का विशेष प्रशिक्षण कैप्सूल संचालित किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा हेतु अंतर-एजेंसी समन्वय को सुदृढ़ करना है। पैराशूट रेजिमेंट (स्पेशल फोर्सेस) तथा राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा उन्नत सामरिक मॉड्यूल, क्लोज क्वार्टर बैटल ड्रिल्स एवं संकट प्रबंधन प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। कार्यक्रम का समापन भोपाल हवाई अड्डे पर एक सत्यापन अभ्यास के साथ होगा, जिसमें समन्वित प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं एवं परिचालन तालमेल का आकलन किया जाएगा। सेना कमांडर ने परिष्कृत टैक्टिक्स, टेक्नीक्स एवं प्रोसीजर्स का प्रत्यक्ष प्रदर्शन देखा तथा प्रदर्शित उच्च स्तर की पेशेवर दक्षता एवं संयुक्तता की सराहना की। मुख्यालय पश्चिम मध्य प्रदेश सब एरिया में उन्होंने रियर एरिया सिक्योरिटी, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) क्षमताओं, क्षमता संवर्धन पहलों तथा प्रगति पर चल रही आधारभूत संरचना परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने पूर्व सैनिकों से संवाद किया तथा राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान के लिए विशिष्ट उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को ‘वेटरन अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया। एक विशेष संवाद सत्र में उन्होंने कल्याण, पेंशन, स्वास्थ्य सेवा एवं रोजगार से संबंधित विषयों पर चर्चा की और निरंतर संस्थागत समर्थन का आश्वासन दिया। 3 ईएमई सेंटर के दौरे के दौरान उन्होंने अग्निवीरों से संवाद किया तथा उनकी मानसिक दृढ़ता एवं शारीरिक सुदृढ़ता की सराहना की। उन्होंने भविष्य के लिए तैयार सैनिकों के निर्माण में केंद्र की भूमिका की प्रशंसा की। यह दौरा उभरती सुरक्षा चुनौतियों के समाधान हेतु क्षमता विकास, प्रौद्योगिकी एकीकरण, अंतर-एजेंसी सहयोग एवं सतत परिचालन प्रभावशीलता के प्रति दक्षिणी कमान की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करता.

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