

राष्ट्रीय, 26 फरवरी 2026: भारत के सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस प्लेटफॉर्म, ग्रीनसेल मोबिलिटी ने ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ के दौरान सुरक्षित और जिम्मेदारी भरी ड्राइविंग को बढ़ावा देने के अपने वादे को एक बार फिर पुख्ता किया है।
कंपनी ने लोगों से जुड़ने और उन्हें जागरूक करने के लिए देश भर के अपने सभी डिपो में कई कार्यक्रम और ट्रेनिंग सेशन आयोजित किए। पूरे महीने चले इस अभियान में 9,500 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया, जो दिखाता है कि कंपनी सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर है।
कंपनी के ‘कोच कैप्टन्स’ (ड्राइवर्स) के लिए खास ट्रेनिंग सेशन रखे गए, जिसमें उन्हें बचाव वाली ड्राइविंग (डिफेंसिव ड्राइविंग), यात्रियों की सुरक्षा और किसी भी इमरजेंसी के लिए तैयार रहना सिखाया गया। इसके अलावा, कर्मचारियों की सेहत और मानसिक शांति का ख्याल रखते हुए ‘ब्रह्माकुमारीज़’ के साथ मिलकर वेल-बीइंग सेशन और फ्री मेडिकल व आंखों की जांच के कैंप भी लगाए गए।
ग्रीनसेल मोबिलिटी ने ट्रैफिक पुलिस और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर जागरूकता अभियान चलाए और नियमों का पालन करने वालों को सम्मानित भी किया। कई जगहों पर फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर आग से बचाव और यात्रियों को सुरक्षित निकालने की ‘मॉक ड्रिल’ भी की गई। साथ ही, आसपास के स्कूलों में जाकर बच्चों को सड़क सुरक्षा के नियम समझाए गए ताकि वे बचपन से ही जिम्मेदार नागरिक बनें।
इस पहल पर ग्रीनसेल मोबिलिटी के एमडी और सीईओ, देवेंद्र चावला ने कहा, “ग्रीनसेल मोबिलिटी में सुरक्षा हमारे काम करने के तरीके का सबसे अहम हिस्सा है। ‘राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह’ ने हमें ड्राइवरों की ट्रेनिंग, कर्मचारियों की भलाई और आम लोगों तक अपनी बात पहुँचाने का बेहतरीन मौका दिया। सही ट्रेनिंग, इमरजेंसी की तैयारी और जागरूकता के जरिए हम एक ऐसी सुरक्षित ड्राइविंग संस्कृति बनाने के लिए समर्पित हैं, जिसका फायदा समाज के हर व्यक्ति को मिले।”
लोगों को जागरूक करने के लिए एनजीओ के साथ मिलकर नुक्कड़ नाटक किए गए, ताकि सड़क सुरक्षा का संदेश प्रभावशाली और मजेदार तरीके से जनता तक पहुँचे। इसके अलावा, कंपनी की टीमों ने सड़क पर बाइक सवारों और पैदल चलने वालों से सीधे बात करके उन्हें ट्रैफिक नियमों के महत्व के बारे में बताया।
यह पहल दिखाता है कि ग्रीनसेल मोबिलिटी अपने कामकाज के हर स्तर पर सुरक्षा को कितनी अहमियत देती है। यहाँ सुरक्षा सिर्फ एक प्राथमिकता नहीं, बल्कि हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
[1:01 am, 26/02/2026] Rohit Chadda:



