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प्रधानमंत्री मोदी ने अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का किया शुभारंभ

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को सशक्त करने निरंतर हो रहे हैं कार्य: मुख्यमंत्री डॉ यादव स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों से अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की 3 माह के अभियान में मध्यप्रदेश में 8 लाख बालिकाओं को किया जाएगा निःशुल्क वैक्सीनेशन

देश में महिलाओं एवं बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया। 3 माह तक चलने वाले अभियान में देश में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 1 करोड़ किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण किया जाएगा। मध्यप्रदेश में 8 लाख किशोरी बालिकाओं का टीकाकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली से वर्चुअली संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त किया और कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में प्रिवेंटिव हेल्थ केयर को सशक्त करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। इसी कड़ी में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु एचपीवी टीकाकरण अभियान प्रारंभ किया गया है। मध्यप्रदेश सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य के क्षेत्र में दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि कि बाजार में एचपीवी वैक्सीन की कीमत लगभग 4 हजार रुपये प्रति डोज है, लेकिन सरकार यह टीका 14-15 वर्ष की सभी पात्र बालिकाओं को पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध करा रही है। उन्होंने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों से अपील की कि इस अभियान को जनआंदोलन बनाकर सफल बनाएं।

सर्वाइकल कैंसर मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ, आत्मनिर्भर नई पीढ़ी का निर्माण सरकार का संकल्प: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

मध्यप्रदेश में डॉ कैलाशनाथ काटजू हॉस्पिटल भोपाल से अभियान का शुभारंभ उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि “आज का दिन स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है, जिसकी प्रिवेलेंस दर लगभग 1 लाख में 156 है। एचपीवी वैक्सीनेशन भविष्य में सर्वाइकल कैंसर को नियंत्रित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बीमारी होने के बाद इलाज करने से बेहतर है कि हम उसे होने ही न दें। यह अभियान प्रिवेंशन केयर की दिशा में एक बड़ा कदम है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर मुक्त मध्यप्रदेश और स्वस्थ, आत्मनिर्भर नई पीढ़ी का निर्माण सरकार का संकल्प है।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में निरोगी काया अभियान, सिकल सेल उन्मूलन मिशन, स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान, स्वस्थ यकृत मिशन सहित स्वास्थ्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समर्पण, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों की सक्रिय सहभागिता और नागरिकों की जागरूकता से हम निःसंदेह अभियान के लक्ष्य को समय से पूर्व प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य की सतत देखभाल और मानकों में सुधार के लिए स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य जांच अहम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हब एंड स्पोक मॉडल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 85 प्रकार की जांचें उपलब्ध कराई जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तीकरण हेतु टेलीमेडिसिन को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध होगा और अनावश्यक रेफरल में कमी आएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है ताकि प्रदेशवासियों को हर क्षेत्र में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों।

मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आदर्श जीवनशैली, संतुलित आहार और समय पर पहचान अत्यंत आवश्यक

प्रदेश के 16 जिलों में मिशन मधुहारी का किया शुभारंभ

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने “मिशन मधुहारी” का शुभारंभ भी किया। उन्होंने कहा कि मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए आदर्श जीवनशैली, संतुलित आहार और समय पर पहचान अत्यंत आवश्यक है। यह पहल टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों एवं किशोरों के समग्र उपचार एवं देखभाल के लिए प्रारंभ की गई है। टाइप-1 मधुमेह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इंसुलिन का निर्माण नहीं होता और आजीवन उपचार की आवश्यकता होती है। मिशन के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में साप्ताहिक विशेष टाइप-1 डायबिटीज क्लिनिक प्रारंभ किए जा रहे हैं, जहां इंसुलिन की सतत उपलब्धता, ब्लड ग्लूकोज जांच, विशेषज्ञ परामर्श एवं नियमित फॉलो-अप की सुविधा एक ही स्थान पर मिलेगी। इस अवसर पर 5 बेटियों को टी1डी (टाइप-1 डायबिटीज) जांच किट का वितरण भी किया गया। इन किटों में ग्लूकोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप्स तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं ताकि बच्चे समय पर शुगर की जांच कर सकें और बीमारी को नियंत्रित रख सकें। दो संभागों के 16 जिलों में 759 किशोर-किशोरियों को किट निःशुल्क प्रदान की जा रही है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास के साथ स्वास्थ्य अमले के हितों को संरक्षित करने और मैनपावर सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चिकित्सकों एवं प्रोफेसरों के एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) स्वीकृति और सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों में आयुष्मान इंसेंटिव की के शीघ्र भुगतान की व्यवस्था का उल्लेख किया। विधायक श्री भगवानदास सबनानी, महापौर श्रीमती मालती राय, अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री अशोक बर्नवाल, आयुक्त श्री धनराजू एस, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना, संचालक आईईसी डॉ रचना दुबे सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में टीकाकरण के लिए पात्र किशोरी बालिकाएँ उपस्थित थीं।

एचपीवी टीकाकरण सत्र शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक होंगे आयोजित

प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण सत्र प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। टीकाकरण स्वैच्छिक है तथा अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी। पात्रता के अंतर्गत वे बालिकाएं शामिल हैं जिन्होंने अपना 14वां जन्मदिन पूरा कर लिया है लेकिन 15वां नहीं मनाया है, साथ ही अभियान प्रारंभ होने के 90 दिनों के भीतर 15 वर्ष पूर्ण करने वाली बालिकाएं भी पात्र होंगी। समस्त जिलों के लगभग 471 स्वास्थ्य केन्द्रों (चिकित्सा महाविद्यालय, जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इत्यादि) पर टीकाकरण किया जायेगा। आगामी 90 दिवसों (मार्च, अप्रैल एवं मई 2025) तक चलाकर, पात्र किशोरियों को HPV वैक्सीन का टीका निःशुल्क लगाया जायेगा। टीकाकरण प्रशिक्षित टीकाकमिर्यों एवं मेडिकल ऑफिसर की निगरानी में किया जायेगा। टीकाकरण हेतु सभी पात्र किशोरी बालिकाओं को यू-विन पोर्टल पर पंजीकरण किया जायेगा। यह प्रक्रिया हितग्राही अपने पहचान-पत्र तथा अभिभावक के मोबाईल नंबर से स्वयं भी पूर्ण कर सकते हैं। प्रदेश में कन्ट्रोल कमाण्ड रूम स्थापित कर, हेल्पलाईन नंबर 104 जारी किया गया है। टीकाकरण के पश्चात बालिका को 30 मिनट तक स्वास्थ्य केंद्र पर अवलोकन में रखा जाएगा। टीकाकरण से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बालिका खाली पेट न हो। संभावित हल्के दुष्प्रभाव जैसे इंजेक्शन स्थल पर दर्द, सिरदर्द या थकान सामान्य हैं और शीघ्र ठीक हो जाते हैं।

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