

पिछले सात दिनों से ईरान पर भारी बमबारी कर उसकी सैन्य क्षमता कमजोर करने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप अब वहां सीमित जमीनी सैन्य अभियान की संभावना पर विचार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप अपने कुछ सलाहकारों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ निजी तौर पर इस विकल्प पर चर्चा कर चुके हैं।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने एनबीसी न्यूज के हवाले से बताया कि ट्रंप बड़े पैमाने पर आक्रमण के बजाय विशेष रणनीतिक मिशनों के लिए सीमित संख्या में अमेरिकी सैनिक भेजने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इस संबंध में दो सूत्रों- एक पूर्व अमेरिकी अधिकारी और चर्चा से परिचित एक अन्य व्यक्ति- ने जानकारी दी है। हालांकि अब तक इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
अपने सहयोगियों के सामने ट्र्ंप ने रखी ईरान की रूपरेखा
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप ने युद्ध के बाद के ईरान की एक रूपरेखा अपने सहयोगियों के सामने रखी है। इसके तहत ईरान में मौजूद संवर्धित यूरेनियम को सुरक्षित कर अमेरिकी निगरानी में लेने और वहां बनने वाली नई सरकार से तेल उत्पादन में अमेरिका के साथ सहयोग कराने की योजना शामिल है। यह व्यवस्था कुछ हद तक उस माडल जैसी हो सकती है, जिसके तहत अमेरिका वेनेजुएला के तेल उत्पादन से लाभ ले रहा है।
हालांकि व्हाइट हाउस ने इस खबर को कयासों पर आधारित बताया है। प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि यह रिपोर्ट अज्ञात सूत्रों के अनुमानों पर आधारित है, जो राष्ट्रपति की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप हमेशा सभी विकल्प खुले रखते हैं, लेकिन यह दावा करना कि वह किसी एक विकल्प के पक्ष में हैं, सही नहीं है।
इस सप्ताह न्यूयार्क पोस्ट से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति अक्सर जमीनी अभियान से बचते रहे हैं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया कि यदि परिस्थितियां मजबूर करें तो इस विकल्प से पूरी तरह इन्कार नहीं किया जा सकता।


