

तमिलनाडु विधानसभा का इस बार का चुनाव कई मायनों में अलग रहा है. इस चुनाव ने अभिनेता से नेता बने विजय को प्रदेश की सत्ता की दहलीज तक पहुंचा दिया है. महज दो साल पुरानी पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) ने चुनाव में जबरदस्त प्रदर्शन किया है और 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें अपने नाम कर ली है. हालांकि अब भी टीवीके बहुमत के आंकड़े से कुछ सीट पीछे रह गई है. यदि TVK को तमिलनाडु की सत्ता में आना है तो उसे अन्य पार्टियों का समर्थन चाहिए. ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए जरूरी विधायक कहां से आएंगे. तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद पार्टी अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार को राज्य में सरकार बनाने का दावा औपचारिक रूप से पेश किया. उन्होंने राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर को पत्र लिखकर उनसे मिलने का समय मांगा है और विधानसभा में अपना बहुमत करने का मौका देने का अनुरोध किया है.
कांग्रेस का समर्थन मिलना तय!
1967 में राज्य में पहली गैर-कांग्रेसी सरकार के सत्ता में आने के बाद से यह पहली बार है, जब दो द्रविड़ दलों के अलावा कोई अन्य पार्टी चुनाव में विजयी हुई. कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमने तमिलनाडु की स्थिति पर चर्चा की है. टीवीके प्रमुख विजय ने सरकार गठन का अनुरोध किया है. हमें भाजपा सरकार नहीं चाहिए, जनादेश धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए है. ऐसे में TVK को कांग्रेस की ओर से समर्थन मिलना तय है. हालांकि पार्टी चर्चा इस बात पर जरूर चर्चा करेगी कि TVK को बाहर से समर्थन देना है या सरकार में शामिल होना है.
तिरुचिरापल्ली से इस्तीफा देंगे विजय!
टीवीके नेता विजय ने उन दोनों सीटों पर जीत हासिल की, जहां से उन्होंने चुनाव लड़ा था. चेन्नई की पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व सीट से विजय ने जीत हासिल की है. हालांकि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार, उन्हें इन दोनों सीटों में से किसी एक से इस्तीफा देना होगा. टीवीके सूत्रों के मुताबिक, उनके तिरुचिरापल्ली सीट छोड़ने की संभावना है. अगर विजय ऐसा करते हैं, तो पार्टी की कुल सीटों की संख्या एक कम हो कर 107 हो जाएगी.
इन आंकड़ों के खेल में एक और बात यह है कि टीवीके द्वारा नियुक्त विधानसभा अध्यक्ष विश्वास प्रस्ताव के दौरान वोट डालने के हकदार नहीं होंगे और इस तरह पार्टी की प्रभावी मतदान क्षमता 106 रह जाएगी.
बहुमत के लिए चाहिए 12 विधायकों का समर्थन
ऐसे में टीवीके को अपना बहुमत साबित करने के लिए 12 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है. द्रमुक गठबंधन में, कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं, दोनों कम्युनिस्ट पार्टियों ने दो-दो सीटें (कुल चार) जीती हैं, जबकि डीएमडीके ने एक सीट, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वीसीके ने दो-दो सीटें जीती हैं. अगर इन सभी सीटों को टीवीके के साथ जोड़ दें तो पार्टी बहुमत के आंकड़े को पार कर सकती है.
इस बीच, मुख्यमंत्री स्टालिन ने 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में अपनी द्रमुक पार्टी की हार के बाद इस्तीफा दे दिया. लोक भवन ने मंगलवार को बताया कि राज्यपाल ने उनका और उनके मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.



