डेढ़ लाख शिक्षकों का भविष्य खतरे में, अपाक्स ने की सरकार से तत्काल रिव्यू पिटीशन की मांग
भोपाल, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक अधिकारी-कर्मचारी संगठन (अपाक्स) मध्य प्रदेश के प्रांतीय संरक्षक इंजीनियर भुवनेश कुमार पटेल एवं प्रांताध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह यादव ने संयुक्त रूप से एक हार्दिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मध्य प्रदेश शासन से गहरी अपील की है कि टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) के मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट में तत्काल रिव्यू पिटीशन दायर किया जाए। दोनों नेताओं ने कहा, “हमारा संगठन हमेशा से प्रदेश के कर्मचारी भाई-बहनों और शिक्षक समुदाय के कल्याण के लिए समर्पित रहा है। आज जब लगभग डेढ़ लाख शिक्षक बंधु, जिन्होंने वर्षों की मेहनत, समर्पण और लगन से मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाइयों पर पहुँचाया है, उनके भविष्य और आजीविका को लेकर चिंता की घड़ी आ खड़ी हुई है, तो सरकार का यह पावन कर्तव्य है कि वह इन शिक्षकों के हितों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाए।”
उन्होंने आगे कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि कर्मचारियों के हित में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए कई निर्णयों पर शासन स्तर पर शीघ्र अमल नहीं होता, जबकि टीईटी प्रकरण में सरकार अत्यधिक तत्परता दिखा रही है।
अपाक्स के नेताओं ने लाखों शिक्षकों के हित में पुरजोर मांग की है कि सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दाखिल कर इन शिक्षक बंधुओं के अधिकारों, सम्मान और उज्ज्वल भविष्य की रक्षा की जाए। इससे न केवल शिक्षक समुदाय का मनोबल ऊँचा रहेगा, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में निरंतरता, उत्कृष्टता और समृद्धि भी बनी रहेगी। नेताओं ने मध्य प्रदेश सरकार से विनम्र अनुरोध किया है कि शिक्षकों के व्यापक हितों को सर्वोपरि रखते हुए इस दिशा में तत्काल और प्रभावी कदम उठाएँ।



