
एक टिकाऊ (सतत) शिप रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम के विकास में सहयोग।
• हैपाग-लॉयड द्वारा वाधवान पोर्ट के बुनियादी ढांचे के विकास में निवेश करना।

हैपाग-लॉयड और भारत सरकार के प्रतिनिधियों ने भारत में समुद्री सहयोग को गहरा करने और देश के शिपिंग व लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के निरंतर विकास के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इस एलओआई पर हस्ताक्षर मुंबई में हैपाग-लॉयड के सीईओ रोल्फ हैब्बेन जैनसेन और भारत में बंदरगाह, जहाजरानी और जल मंत्री सर्बानंदा सोनोवाल के बीच हुई बैठक के दौरान किये गये। इस समझौते में सहयोग के संभावित क्षेत्रों की रूपरेखा दी गई है, जिनमें जहाजों की भारतीय रजिस्ट्री में ‘रीफ्लैगिंग’, टिकाऊ शिप रीसाइक्लिंग क्षमता का विकास और वाधवान पोर्ट के विकास से संबंधित रणनीतिक सहयोग शामिल है।
हैपाग-लॉयड के सीईओ रोल्फ हब्बेन जानसेन ने कहा, “वैश्विक व्यापार में भारत सबसे महत्वपूर्ण विकास बाजारों में से एक है और हैपाग-लॉयड के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार है। इस सहमति पत्र के माध्यम से, हम भारत के साथ अपने पुराने संबंधों को और मजबूत करना चाहते हैं। हम देश की समुद्री क्षमताओं का विस्तार करने, वैश्विक कनेक्टिविटी बढ़ाने और टिकाऊ शिपिंग को बढ़ावा देने की भारत की महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करना चाहते हैं।”
सहमति पत्र के तहत, हैपाग-लॉयड का इरादा भारतीय रजिस्ट्री के तहत चार जहाजों तक को ‘रीफ्लैग’ करने की संभावना तलाशने का है। फिलहाल, इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा, जहाजों का प्रकार या क्षमता तय नहीं की गई है। कोई भी रीफ्लैगिंग भविष्य की चर्चाओं, आंतरिक मूल्यांकन, व्यावसायिक पहलुओं और लागू कानूनी व नियामक आवश्यकताओं के अधीन होगी।
इस समझौते में भारत में ‘शिप रीसाइक्लिंग इकोसिस्टम’ के विकास पर सहयोग भी शामिल है। हैपाग-लॉयड यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि जो जहाज अपना जीवनकाल पूरा कर चुके हैं, उन्हें उन केंद्रों में सुरक्षित और जिम्मेदारी से रीसाइकिल किया जाए जो उच्चतम पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों को पूरा करते हों। इस सहयोग का उद्देश्य भारत में ऐसी रीसाइक्लिंग क्षमता विकसित करना है जो EU शिप रीसाइक्लिंग रेगुलेशन के अनुरूप हो, जिसे वर्तमान में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानक माना जाता है। इस प्रस्तावित इकोसिस्टम में 100 जहाजों तक की रीसाइक्लिंग क्षमता हो सकती है।
इसके अतिरिक्त, सहमति पत्र में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी के सहयोग से वाधवान पोर्ट के विकास से संबंधित रणनीतिक सहयोग ढांचे पर चर्चा की संभावना है। भारत की प्रमुख आगामी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक के रूप में, वाधवान पोर्ट से देश के समुद्री लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। हैपाग-लॉयड इस विकास में सहयोग देने के लिए अपनी वैश्विक शिपिंग और टर्मिनल विशेषज्ञता प्रदान करने का इच्छुक है।
हैंसीटिक ग्लोबल टर्मिनल्स के सीईओ और हैपाग-लॉयड के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य धीरज भाटिया ने कहा, “भारत का बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर उल्लेखनीय गति और पैमाने पर विकसित हो रहा है। वाधवान पोर्ट जैसी परियोजनाओं में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका को काफी मजबूत करने की क्षमता है। हम भारत में एक कुशल और भविष्य के लिए तैयार पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने में मदद करने के लिए उत्सुक हैं।”
हैपाग-लॉयड ने दशकों से भारत के साथ मजबूत संबंध बनाए रखे हैं और यह अपनी समर्पित लाइनर सेवाओं व व्यापक वैश्विक नेटवर्क के माध्यम से देश को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ता है। कंपनी निवेश, परिचालन वृद्धि और रणनीतिक साझेदारियों के माध्यम से भारत में अपनी मौजूदगी का लगातार विस्तार कर रही है।
हैपाग-लॉयड इंडिया: एक नज़र में
• भारत में चार बिजनेस यूनिट्स में 2,800 से अधिक कर्मचारी, जिससे हैपाग-लॉयड के भीतर भारतीय सबसे बड़ी राष्ट्रीयताओं में से एक बन गए हैं।
• देश भर में ग्राहकों और संचालन के लिए 17 कार्यालय।
• भारत को प्रमुख वैश्विक व्यापार मार्गों से जोड़ने वाली 6 समर्पित लाइनर सेवाएं।
• भारत की अग्रणी निजी टर्मिनल और अंतर्देशीय परिवहन सेवा प्रदाता जे एम बख्शी पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स लिमिटेड में रणनीतिक निवेश।
• जे एम बख्शी देश भर में कंटेनर टर्मिनल, अंतर्देशीय कंटेनर डिपो, कंटेनर फ्रेट स्टेशन और रेल सेवाएं संचालित करता है, जिसमें लगभग 7,000 लोग कार्यरत हैं और यह सालाना लगभग 3.2 मिलियन टीईयू (TEU) हैंडल करता है।
• अपनी ‘रणनीति 2030’ के तहत, हैपाग-लॉयड का लक्ष्य 2030 तक भारत क्षेत्र में हैंडल किए जाने वाले वॉल्यूम को लगभग 3 मिलियन टीईयू (TEU) तक बढ़ाना है।

