

नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध का असर भारत में अफवाह और डर के रूप में दिखने लगा है. हालांकि सरकार और तेल कंपनियां लगातार यह साफ कर रही हैं कि देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर फैली अटकलों के चलते लोग पैनिक बाइंग में जुट गए हैं. बीते दो दिनों में देशभर में ईंधन की मांग 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई, जबकि कुछ इलाकों में यह बढ़ोतरी 50 फीसदी तक पहुंच गई. सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा है कि देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. अचानक बढ़ी मांग की वजह अफवाहें और पैनिक हैं. लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन न खरीदें. HPCL के मुताबिक, लगातार सप्लाई जारी है और किसी भी राज्य में आपूर्ति बाधित नहीं हुई है. इसी बीच निजी क्षेत्र की कंपनी Nayara Energy ने पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर, डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा कर दिया, जिससे लोगों की बेचैनी और बढ़ गई.
महाराष्ट्र: सबसे ज्यादा अफरा‑तफरी
महाराष्ट्र के कई जिलों में अचानक हालात बिगड़ गए. कोल्हापुर में दोपहिया वाहनों को ₹200 तक पेट्रोल चार पहिया वाहनों को ₹1000 की सीमा तय कर दी गई है. सीमित वितरण से लोगों में भ्रम है.
नाशिक (येवला) में रात में अफवाह फैली कि पेट्रोल बंद होने वाला है. इसके नतीजतन 1-1.5 किलोमीटर लंबी कतारें देखने को मिलीं. आधी रात को पंपों पर भीड़ उमड़ी.
छत्रपति संभाजीनगर में बाइक के लिए ₹200, कारों के लिए ₹2000 की सीमा तय कर दी गई है. बोतल और कैन में पेट्रोल पर पूरी तरह रोक. प्रशासन का कहना है कि राज्य में ईंधन की कोई कमी नहीं है.



