खबरदेश

50 मीटर दूर घर, सुनसान सड़क और घात लगाकर हमला, कैसे रची चंद्रनाथ रथ की हत्या की पूरी साजिश

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम में बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या को लेकर अब सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं. मौके पर मौजूद चश्मदीदों और स्थानीय लोगों के बयानों के आधार पर इस पूरी वारदात का क्रम सामने आया है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह पूरी तरह से प्लान्ड और रेकी के बाद अंजाम दिया गया हमला था.

रोज की दिनचर्या पर था हमलावरों का पूरा नजर

स्थानीय लोगों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ पिछले दो वर्षों से मध्यमग्राम के दोहरिया इलाके में अपने परिवार के साथ रह रहे थे और सुवेंदु अधिकारी के साथ पूरा दिन बिताने के बाद लगभग हर रात 10 से 11 बजे के बीच घर लौटते थे. हमलावरों को उनकी इस नियमित दिनचर्या की पूरी जानकारी थी, जिससे साफ होता है कि उनकी मूवमेंट पर पहले से नजर रखी जा रही थी और उसी के आधार पर हमले का समय चुना गया.

बारिश और सन्नाटा: हमले के लिए चुना गया सही वक्त

घटना वाली रात मौसम ने भी हमलावरों का साथ दिया. इलाके में शाम 8 बजे से 10 बजे तक तेज बारिश होती रही और सामान्य तौर पर 9 बजे के बाद बाजार बंद हो जाने के कारण सड़कें खाली हो जाती हैं. बारिश के चलते इलाका और भी सुनसान हो गया, जिससे हमलावरों को बिना किसी रुकावट के वारदात को अंजाम देने का मौका मिला.

40-60 मिनट पहले से घात लगाकर इंतजार

चश्मदीदों के अनुसार हमलावर अचानक नहीं आए थे, बल्कि उन्होंने पहले से ही मौके पर पोजीशन ले रखी थी. एक बाइक सवार हमलावर करीब 40 मिनट से एक घंटे पहले से उसी जगह पर मौजूद था, जहां वारदात हुई. यह दर्शाता है कि पूरे ऑपरेशन की तैयारी बहुत बारीकी और धैर्य के साथ की गई थी.

सिर्फ 50 मीटर पहले रचा गया घातक जाल

जहां हमला हुआ, वह जगह चंद्रनाथ रथ के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर थी. मुख्य सड़क से मुड़ते ही लगभग 100 मीटर अंदर यह सुनसान रास्ता पड़ता है. हमलावरों ने इसी टर्निंग पॉइंट को चुना, जहां न तो ज्यादा रोशनी थी और न ही लोगों की आवाजाही, जिससे वारदात को अंजाम देना आसान हो गया.

कैसे हुआ हमला? मिनट-दर-मिनट

जैसे ही चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो मुख्य सड़क से मुड़कर अंदर की ओर बढ़ी, आगे चल रही एक कार ने अचानक ब्रेक लगाकर उनका रास्ता रोक दिया. उसी समय पीछे से एक बाइक सवार हमलावर पहुंचा और दोनों ओर से घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. कार पर लगा विधानसभा का स्टिकर हमलावरों के लिए पहचान का आसान माध्यम बन गया, जिससे उन्हें टारगेट सुनिश्चित करने में कोई दिक्कत नहीं हुई.

फायरिंग के बाद ऐसे भागे हमलावर

हमले को अंजाम देने के बाद हमलावरों ने मौके पर इस्तेमाल की गई चार पहिया गाड़ी छोड़ दी और तुरंत बाइक से फरार हो गए. यह तरीका भी पहले से तय लगता है, जिससे साफ है कि उनके पास भागने का पूरा प्लान तैयार था.

घायल हालत में अस्पताल, फिर मौत

हमले में चंद्रनाथ रथ और उनके ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए. स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत पास के निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अगले दिन भी घटनास्थल के पास कारतूस के खोल मिले, जो फायरिंग की तीव्रता को दर्शाते हैं.

CCTV और जांच की चुनौतियां

घटनास्थल के बेहद करीब एक CCTV कैमरा मौजूद है, लेकिन आसपास के पूरे इलाके में कैमरों की संख्या सीमित है, जिससे जांच में चुनौतियां आ सकती हैं. पुलिस अब उपलब्ध फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के जरिए हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही है.

पुलिस के हाथ क्या लगा?

पुलिस ने घटना में इस्तेमाल चार पहिया वाहन को मौके से जब्त कर लिया है और फॉरेंसिक टीम ने उससे जरूरी सबूत जुटाए हैं. चश्मदीदों के बयान और तकनीकी जांच के आधार पर पूरी साजिश की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.

ग्राउंड से क्या बता रहे लोग?

स्थानीय निवासियों का कहना है कि बारिश और रात के समय इलाके में पूरी तरह सन्नाटा था. अचानक गोलियों की आवाज से लोग बाहर निकले और देखते ही देखते इलाके में हड़कंप मच गया. कई लोगों ने बताया कि उन्होंने पहले ऐसा कभी नहीं देखा.

क्लियर संकेत: टारगेटेड और प्री-प्लान्ड मर्डर

अब तक सामने आए सभी तथ्यों-नियमित दिनचर्या की जानकारी, पहले से तय लोकेशन, लंबे समय तक घात लगाकर इंतजार, दो वाहनों से घेराबंदी और सुनसान सड़क का चयन से यह साफ संकेत मिलता है कि यह घटना अचानक नहीं बल्कि पूरी तरह से सुनियोजित और टारगेटेड हमला थी.

चंद्रनाथ रथ की हत्या यह दिखाती है कि हमलावरों ने हर छोटे-बड़े पहलू की बारीकी से तैयारी की थी. घर से महज 50 मीटर पहले, बारिश से खाली सड़क पर इस तरह का हमला इस बात की ओर इशारा करता है कि यह एक सोची-समझी साजिश थी. अब जांच एजेंसियों के सामने चुनौती है कि इन सभी सुरागों को जोड़कर हमलावरों तक जल्द से जल्द पहुंचा जाए.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button