

2020 में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए शुभेंदु अधिकारी बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. कोलकाता का परेड ब्रिगेड मैदान आज उनके शपथ ग्रहण का साक्षी बनेगा. खास बात यह है कि उनको बंगाल में बीजेपी का पहला सीएम होने का सौभाग्य मिला है. मतलब साफ है कि बंगाल में दीदी की नहीं बल्कि दादा की सरकार चलेगी. शुभेंदु अधिकारी बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर की रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखते हैं. पिता कांग्रेस से सांसद रहे, भाई टीएमसी से सांसद रहे. खुद टीएमसी में मंत्री रहे. इतना भरापूरा परिवार. अब वह खुद मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. उनके भाई सौमेंदु ने भी कुछ ही महीने पहले शादी की है. अब सवाल यह है कि इतने सक्सेसफुल होने के बाद भी आखिर शुभेंदु ने शादी क्यों नहीं की. 2021 के चुनाव के दौरान एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने ये बात खुद बताई थी.
शुभेंदु ने क्यों लिया शादी नहीं करने का फैसला?
शुभेंदु अधिकारी ने कहा वह 1987 से छात्र राजनीति से जुड़े रहे. धीरे-धीरे उन्होंने खुद को राजनीति को पूरी तरह से समर्पित कर दिया. शादी न करने के सवाल पर उन्होंने अपने इलाके के तीन स्वतंत्रता सैनानियों का जिक्र किया. सतीश सामंतो, सुशील धारा, अजय मुखर्जी. उन्होंने कहा कि ये तीनों बहुत ही बढ़िया स्वतंत्रता सैनानी थे और तीनों ने ही शादी नहीं की थी. शुभेंदु ने कहा कि उन्होंने इन तीनों के नक्शे कदम पर चलते हुए शादी न करने का फैसला लिया और खुद को जनता को समर्पित कर दिया.
शादी नहीं, समय ज्यादा, जिम्मेदारी भी नहीं
शुभेंदु ने कहा कि वह वह अपना पूरा समय जनता को देना चाहते हैं. साथ ही अनमैरिड होने पर उन्होंने कहा कि ये बहुत ही अच्छा साइन है. शादी नहीं हुई तो काम करने के लिए समय ज्यादा है. पीछे कोई जिम्मेदारी भी नहीं. माता-पिता हैं, वे स्वस्थ्य और खुश रहें, ये उनकी जिम्मेदारी है. वह पावर का गलत इस्तेमाल भी नहीं करते हैं.
रैली में जब शुभेंदु से पूछा- शादी क्यों नहीं की?
हल्दिया की एक रैली में जब शुभेंदु से पूछा गया था कि उन्होंने शादी क्यों नहीं की. तो उन्होंने कहा कि उनके आदर्श सतीश सामंतो, सुशील धारा कहते थे कि समाज के लिए सब न्योछावर करना पड़ता है.वह भी उनके ही नक्शे कदम पर चल रहे हैं.
शुभेंदु ने शादी से किया इनकार, तो पिता ने डांटा
शुभेंदु के पिता शिशिर अधिकारी ने एक इंटरव्यू में बताया कि बेटे के शादी नहीं करने से फैसले से वह नाराज थे. उन्होंने गुस्से में उनको डांट भी दिया था हालांकि बाद में फर बुरा लगा. उनको लग रहा था कि अगर परिवार ही नहीं होगा तो अस दौलत, पैसा और इज्जत का क्या होगा.



