चंडीगढ़ में इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के घर रेड की
भगवंत मान ने बीजेपी पर ED का राजनीतिक दुरुपयोग करने का आरोप लगाया, कहा पंजाब विरोधियों के आगे नहीं झुकेगा


चंडीगढ़:चंडीगढ़ में शनिवार सुबह इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) की टीम ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घर रेड मारी है. टीम करीब 15 गाड़ियों में सेक्टर-2 स्थित मंत्री के घर पहुंची और अधिकारियों ने पूरा आवास घेर लिया. सुरक्षा के लिए मौके पर बड़ी संख्या में CRPF के जवान तेनात किये गए. फिलहाल, किसी को भी घर के अंदर जाने या बाहर आने की अनुमति नहीं दी जा रही है. अभी तक छापेमारी के आधिकारिक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है. अभी यह भी क्लियर नहीं है कि मंत्री अरोड़ा आवास पर हैं या नहीं. टीम की मंत्री पर महीनेभर के अंदर यह दूसरी बार कार्रवाई है. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस रेड को लेकर बीजेपी को घेरा है. उनका कहना है कि पंजाब में भी वही हो रहा है, जो BJP पूरे देश में काम कर रही है. बीजेपी प्रवर्तन निदेशालय, चुनाव आयोग जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रही है.
बीजेपी पंजाब में भी खेल रही वहीं खेल
मुंख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “आज फिर ईडी संजीव अरोड़ा के घर आई है. एक साल में तीसरी बार और एक महीने में दूसरी बार भाजपा की ED उनके घर आई है. फिर भी उन्हें कुछ नहीं मिला. पंजाब गुरुओं की भूमि है, औरंगजेब भी इसे झुका नहीं सका. यह भगत सिंह की भूमि है, जिन्होंने अंग्रेजों के सामने कभी सिर नहीं झुकाया. इसलिए, पंजाब विरोधियों की चालों के आगे कभी नहीं झुकेगा. पंजाब में भी वही हो रहा है, जो BJP पूरे देश में काम कर रही है. बीजेपी प्रवर्तन निदेशालय, चुनाव आयोग जैसे हथियारों का इस्तेमाल कर रही है. पंजाब अब बीजेपी के निशाने पर है. पहले अशोक मित्तल के घर और यूनिवर्सिटी पर रेड, 2 दिन रेड और तीसरे दिन वो बीजेपी में शामिल हो गए. आज सुबह संजीव अरोड़ा के घर पर रेड पड़ रही है. इस महीने में 2 बार आए, कुछ नहीं मिला, लेकिन लोगों को डरा-धमकाकर शामिल करवा रहे हैं.”
पिछले महीने भी ठिकानों पर दबिश दी थी
करीब 20 दिन पहले भी मंत्री संजीव अरोड़ा और उनके 2 पार्टनर के लुधियाना और जालंधर के ठिकानों पर ED ने रेड की थी. अधिकारियों ने बताया था कि संजीव अरोड़ा पर अपने राजनीतिक प्रभाव के जरिए पंजाब में अवैध सट्टेबाजी (बेटिंग) संचालकों को संरक्षण देने का संदेह है, ताकि उनके मुनाफे में हिस्सा लिया जा सके. उन पर यह भी आरोप था कि वह अपनी कंपनियों और कई एंट्री ऑपरेटरों का इस्तेमाल कर सट्टेबाजों के बेहिसाब पैसे को वैध निवेश में बदल रहे हैं. वह मनी लॉन्ड्रिंग में सहायता कर रहे थे.


