अध्यात्मखबरमध्य प्रदेश

देव आव्हान एवं अरणी मंथन के साथ शुरू हुआ नौ दिवसीय श्री राम मानस शक्ति यज्ञ

भोपाल। पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सद्गुरुदेव दादाजी परिवार द्वारा मिनाल रेजिडेंसी स्थित एमपीईबी ग्राउंड में आयोजित नौ दिवसीय पंचकुंडी ‘श्री राम मानस शक्ति यज्ञ’ का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक विधि-विधान एवं भक्तिमय वातावरण के बीच हुआ। यज्ञ के प्रथम दिवस देव आवाहन एवं अरणी मंथन द्वारा यज्ञ अग्नि प्रज्वलित की गई। करीब 45 मिनट तक चले अरणी मंथन के बाद जैसे ही अग्नि प्रकट हुई, पूरा यज्ञ स्थल ‘जय श्रीराम’, ‘जय श्री दादाजी’ एवं ‘जय श्री बालाजी सरकार’ के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर होकर इस आध्यात्मिक क्षण के साक्षी बने। यज्ञाचार्य आचार्य पंकज शर्मा के सानिध्य में आयोजित इस महायज्ञ में प्रतिदिन 21 यजमानों द्वारा 51 हजार आहुतियां अर्पित की जाएंगी। मुख्य यजमान डॉ. श्रीकांत अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु आयोजन में सहभागिता कर रहे हैं। यज्ञ का समापन 28 मई को पूर्णाहुति के साथ होगा। आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि 27 मई को भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए मिनाल क्षेत्र के श्रद्धालुओं से अपने घरों से थाली में 11 दीप सजाकर लाने का आग्रह किया गया है। सामूहिक दीप आरती से पूरा क्षेत्र भक्तिमय एवं प्रकाशमय वातावरण में परिवर्तित होगा। यज्ञाचार्य पंकज शर्मा ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ में आहुति देने एवं यज्ञ की परिक्रमा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि यज्ञ की परिक्रमा से व्यक्ति के दुख, कष्ट एवं नकारात्मकताओं का निवारण होता है। आयोजन से जुड़े पं.राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार यज्ञ की चार परिक्रमा करने का पुण्यफल संपूर्ण पृथ्वी की परिक्रमा के समान माना जाता है। वहीं संकल्प के साथ 108 परिक्रमा करने पर श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धापूर्वक यज्ञ में नियमित सहभागिता करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, सकारात्मक ऊर्जा एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। समिति के अनुसार प्रतिदिन शाम 7:30 बजे सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्रीराम एवं हनुमानजी की भक्ति में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करेंगे। आयोजन स्थल पर पूरे समय धार्मिक उत्साह एवं श्रद्धा का वातावरण बना हुआ है।

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