कबीरधाम जिले के ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के केंद्र बाबा भोरमदेव मंदिर में सावन महोत्सव की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। तीन अगस्त को सावन माह की पहली सोमवारी पर कवर्धा के बूढ़ा महादेव मंदिर से बाबा भोरमदेव मंदिर तक प्रस्तावित भव्य पदयात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने सभी विभागों को समय-सीमा में व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर ने एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों और नगरीय निकाय के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पदयात्रा मार्ग से जुड़े सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिवों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी जाएं, ताकि रास्ते में श्रद्धालुओं को पेयजल, विश्राम और अन्य बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने पदयात्रा मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य तत्काल कराने के निर्देश भी दिए। सड़कों के किनारे जलभराव रोकने, भवन निर्माण सामग्री हटाने, मार्ग को अवरोध मुक्त रखने तथा पूरी सड़क पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और आबकारी विभाग को लगातार गश्त और निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैंमंदिर परिसर की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, विद्युत आपूर्ति, पार्किंग, शौचालयों की नियमित सफाई, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ प्रबंधन की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सावन माह में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़ यात्री भोरमदेव पहुंचेंगे, इसलिए किसी भी व्यवस्था में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि यह केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि पूरे श्रावण माह तक चलने वाली धार्मिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण आयोजन है। सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करते हुए नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित वातावरण मिल सके।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने साफ कहा कि हजारों कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए। इसी सिलसिले में कलेक्टर गोपाल वर्मा ने आज भोरमदेव मंदिर परिसर में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक लेकर सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सबसे अधिक फोकस 3 अगस्त को होने वाली पदयात्रा पर रहा।