आज IITTM ग्वालियर में जॉर्जिया के महामहिम राजदूत वख्ताग जाओशिवली जी से शिष्टाचार भेंट हुई।

इस अवसर पर डॉ. चंद्रशेखर बरुआ जी के मार्गदर्शन में IITTM डायरेक्टर डॉ. मोनिका प्रकाश जी, प्रोफेसर डॉ. दीक्षित जी एवं सिंधिया साइंस संस्थान के डायरेक्टर श्री अरुणाश जी की उपस्थिति ने इस मुलाकात को और भी महत्वपूर्ण बना दिया।
नीम-शीशम पर्वत पर्यटन स्थल, उदयपुर मुरार, ग्वालियर के संचालक श्री जयेंद्र सिंह राणा जी ने भी इस भेंट में भाग लिया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से चल रहे पर्यटन विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की।
बैठक का मुख्य विषय:
दोनों देशों के बीच टूरिज्म के आदान-प्रदान को कैसे सुलभ बनाया जाए।
जॉर्जिया की प्रकृति, हेरिटेज और वाइन टूरिज्म + ग्वालियर का किला, संगीत, और अब नीम-शीशम पर्वत का ईको-टूरिज्म – दोनों मिलकर एक शानदार पर्यटन कॉरिडोर बन सकते हैं।
डॉ. चंद्रशेखर बरुआ जी ने कहा कि “IITTM ग्वालियर इस सांस्कृतिक और पर्यटन सेतु को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।”
ये मुलाकात ग्वालियर को इंटरनेशनल टूरिज्म मैप पर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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“साथियों, आज हमारे लिए गर्व की बात है कि IITTM ग्वालियर में जॉर्जिया के राजदूत महामहिम श्री वख्ताग जाओशिवली जी से मुलाकात हुई।
डॉ. चंद्रशेखर बरुआ जी के मार्गदर्शन में अब नीम-शीशम पर्वत को हम इंटरनेशनल ईको-टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाएंगे।
भारत-जॉर्जिया टूरिज्म का रिश्ता अब ग्वालियर से शुरू होगा।”


