माननीय सांसद आलोक शर्मा के हस्तक्षेप से कमली मंदिर परिसर में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का कार्य रुका, नगर निगम ने उदय बिल्डर को जारी किए काम रोकने के आदेश
भोपाल। पुराने भोपाल के घोड़ा निक्कास स्थित प्राचीन कमली मंदिर परिसर में प्रस्तावित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण के विरोध में चल रहे आंदोलन को बड़ी सफलता मिली है। माननीय सांसद श्री आलोक शर्मा जी के सक्रिय हस्तक्षेप एवं तत्पर पहल के बाद नगर निगम ने संबंधित निर्माण एजेंसी उदय बिल्डर को कार्य तत्काल प्रभाव से रोकने के आदेश जारी कर दिए हैं।
कमली मंदिर आंदोलन से जुड़े भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया कि 8 जुलाई को मंदिर परिसर से देवी-देवताओं की मूर्तियां हटाकर अन्य स्थान पर रख दी गई थीं। इसकी जानकारी 9 जुलाई की सुबह श्रद्धालुओं को मिली, जिससे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर जब पुजारियों एवं ट्रस्ट से जानकारी चाही, तो मंदिर के जर्जर होने का हवाला दिया गया। इस पर महिला श्रद्धालुओं ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि मूर्तियों का विस्थापन आवश्यक था तो इसकी पूर्व सूचना मंदिर परिसर में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जानी चाहिए थी।
भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने आगे बताया कि बाद में यह जानकारी सामने आई कि ट्रस्ट मंदिर परिसर में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण की दिशा में अधिक सक्रिय है, जबकि वर्षों से मंदिर के संरक्षण एवं विकास की ओर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया। इससे सामाजिक, व्यापारिक एवं धार्मिक संगठनों में व्यापक असंतोष व्याप्त हो गया और सभी ने एकजुट होकर निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग उठाई।
इस आंदोलन में वरिष्ठ समाजसेवी नरेश राव जाधव, गोपाल मुखरैया, राजकुमार वर्मा, नारायण सिंह कुशवाह, विवेक साहू, अनिल ठाकुर, चंद्रशेखर तिवारी,विजय जैन (बबलू) सहित अनेक सामाजिक एवं धार्मिक प्रतिनिधियों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए माननीय सांसद श्री आलोक शर्मा ने तत्काल कलेक्टर कार्यालय में सामाजिक, व्यापारिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई।
बैठक में जिला कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा एवं नगर निगम आयुक्त सुश्री संस्कृति जैन के समक्ष कमली मंदिर का पूरा प्रकरण विस्तार से रखा गया। सांसद श्री आलोक शर्मा ने सभी प्रतिनिधियों की भावनाओं एवं मांगों को प्रमुखता से प्रशासन के समक्ष रखते हुए निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इस पर जिला प्रशासन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया।
बैठक के पश्चात सांसद आलोक शर्मा स्वयं कमली मंदिर पहुंचे और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया।
वहां उपस्थित श्रद्धालुओं एवं सामाजिक प्रतिनिधियों ने उनसे शॉपिंग कॉम्प्लेक्स निर्माण पर तत्काल रोक लगाने तथा मंदिर का शीघ्र एवं भव्य निर्माण सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
माननीय सांसद श्री आलोक शर्मा के प्रभावी हस्तक्षेप और संवेदनशील पहल के परिणामस्वरूप नगर निगम द्वारा उदय बिल्डर को निर्माण कार्य रोकने के आदेश जारी किए गए, जिसे कमली मंदिर संरक्षण आंदोलन की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
इस निर्णय पर सभी सामाजिक, व्यापारिक एवं धार्मिक संगठनों ने माननीय सांसद श्री आलोक शर्मा का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके त्वरित हस्तक्षेप से श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा हुई है तथा प्राचीन कमली मंदिर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।



