वैज्ञानिक डॉ राजकुमार मालवीय ने सोलर तकनीक से खेती में कमाई का नया मॉडल, वैल्यू एडिशन अपनाने का आह्वान किया
पाड़लिया राम में सौर कृषि यंत्र प्रशिक्षण शुरू, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार के लिए किया जा रहा प्रशिक्षित

पाल। ग्राम पाड़लिया राम में खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने और ग्रामीण युवाओं व महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पाड़लिया राम में यमन वेलफेयर सोशल डेवलपमेंट कमेटी द्वारा सौर कृषि यंत्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सौर ऊर्जा आधारित कृषि उपकरणों, फूड प्रोसेसिंग, डिजिटल मार्केटिंग और उद्यमिता के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकें।
कार्यक्रम के संयोजक, वैज्ञानिक एवं मुख्य वक्ता डॉ. राजकुमार मालवीय ने कहा कि केवल फसल उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय किसानों को कृषि उत्पादों का वैल्यू एडिशन करना होगा। उन्होंने बताया कि सोलर ड्रायर की मदद से प्याज, लहसुन, अदरक और टमाटर को सुखाकर उनका पाउडर तैयार किया जा सकता है, जिसकी बाजार में अच्छी मांग और बेहतर कीमत मिलती है। इससे उत्पाद लंबे समय तक सुरक्षित रहते हैं और किसानों के साथ महिला समूहों के लिए भी आय के नए स्रोत विकसित होते हैं।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. लवब्रत सक्सेना ने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित कृषि मशीनें खेती की लागत कम करने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सोलर ड्रायर सहित अन्य सोलर बेस्ड मशीनों के संचालन, रखरखाव और उपयोग का व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे तकनीक का उपयोग अपने उद्यम में कर सकें।
विषय विशेषज्ञ राहुल तिवारी ने कहा कि आधुनिक दौर में उत्पादन के साथ बेहतर मैनेजमेंट, ब्रांडिंग, पैकेजिंग, आईटी और डिजिटल मार्केटिंग की जानकारी भी जरूरी है। यदि किसान और ग्रामीण उद्यमी तकनीक का सही उपयोग करें तो उनके उत्पाद स्थानीय बाजार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।
शोधार्थी अभिषेक तोमर ने सोलर ड्रायर की कार्यप्रणाली और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह तकनीक कृषि उत्पादों को गुणवत्ता के साथ संरक्षित करने का प्रभावी माध्यम है। वहीं वल्लभ मंत्रालय से आए के.के. मिश्रा ने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रतिभागियों से इनका अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि अर्जुन सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण रोजगार और स्वरोजगार की नई संभावनाएं तैयार कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से प्रशिक्षण का लाभ लेकर स्वयं का उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सरपंच प्रतिनिधि नेपाल ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उपसरपंच ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मददगार साबित होंगे। कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी बापू सिंह पांडेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उल्लेखनीय है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल के प्रायोजन में आयोजित किया जा रहा है।

