

ब्रह्माकुमारीज क्षेत्रीय मुख्यालय राजयोग भवन में हुआ 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारम्भ हुआ |
यह राष्ट्रीय महाअभियान ब्रह्माकुमारीज़ की ब्रह्माकुमारीज क्षेत्रीय मुख्यालय राजयोग भवन में हुआ 10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान का शुभारम्भ पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 19वीं पुण्य स्मृति को समर्पित है। दादी जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन आध्यात्मिक जागरण, मानव सेवा और राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित किया। उन्हीं के प्रेरणादायी जीवन को श्रद्धांजलि स्वरूप हम इस राष्ट्रीय जनआन्दोलन का शुभारम्भ कर रहे हैं।
कार्यक्रम में अपने आशीर्वचन देते हुए राजयोग भवन की प्रभारी *राजयोगिनी बी के निर्मला दीदी* ने कहा कि परमात्म शक्तियों से मन पर नियंत्रण पाया जा सकता है | मन पर नियंत्रण से सभी प्रकार के नशों से मुक्ति पाई जा सकती है |
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि *मध्यप्रदेश मानवधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ज़ी* ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज पूरे भारत से खासकर युवाओं के जीवन से नशे को सम्पूर्ण रीति से दूर करने हेतु कृत संकल्पित है |
महाअभियान के बारे में बताते हुए *बी के डॉ रीना दीदी* ने बताया कि भारत आज विश्व का सबसे युवा देश है। हमारे पास प्रतिभा है, ऊर्जा है, संकल्प है और विकसित भारत बनाने का स्वर्णिम अवसर भी है। केवल आर्थिक प्रगति, आधुनिक तकनीक और ऊँची इमारतें ही विकसित भारत की पहचान नहीं हैं।
वास्तविक विकसित भारत वही होगा—
• जहाँ युवा स्वस्थ हों,
• परिवार संस्कारवान हों,
• समाज सुरक्षित हो,
• और आने वाली पीढ़ियाँ नशे से मुक्त हों।
इसीलिए यह अभियान केवल नशामुक्ति का अभियान नहीं है; यह नशामुक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण का अभियान है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक पंकज पाठक ज़ी, राजीव तिवारी ज़ी संचालक शुद्धि नशा मुक्ति केंद्र, सत्यम कुमार गुप्ता ज़ी सह आयुक्त श्रम विभाग, लायन सुयश कुलश्रेष्ठ ज़ी उपस्थित थे
कार्यक्रम में *बी के खुशबू बहन* ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के माध्यम से “नशा मुक्त भारत अभियान”, गृह मंत्रालय के अधीन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के “Mission SPANDAN” तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की “MY Bharat” पहल के माध्यम से नशामुक्ति एवं युवा जागरूकता के लिए देशभर में अनेक महत्वपूर्ण अभियान संचालित किए जा रहे है |
ब्रह्माकुमारीज़ मेडिकल विंग को इन राष्ट्रीय पहलों में सहभागी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। वर्ष 2023 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा वर्ष 2024 में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के साथ हुए समझौता ज्ञापनों (MoUs) के बाद से संस्था पूरे देश में जनजागरूकता, मूल्य शिक्षा और राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से नशामुक्ति का संदेश पहुँचा रही है।
अब तक 30,000 से अधिक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इनके माध्यम से 4 करोड़ से अधिक नागरिकों तक नशामुक्ति का संदेश पहुँचा है तथा 3 करोड़ से अधिक लोगों ने नशामुक्ति की प्रतिज्ञा ली है। इसके साथ ही 36 जनजागरूकता वाहन भी देशभर में भ्रमण कर रहे हैं, जो इन राष्ट्रीय पहलों का संदेश जन-जन तक पहुँचा रहे हैं।
इन्हीं प्रयासों को और अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से 6 अगस्त से 20 अगस्त 2026 तक पूरे देश में “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” आयोजित किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य 10 करोड़ नागरिकों को नशामुक्त जीवन का संकल्प दिलाकर नशामुक्त, स्वस्थ एवं विकसित भारत के निर्माण में जनभागीदारी को सशक्त बनाना है।
राजयोग के महत्त्व के बारे में राजयोग भवन भोपाल की *बी के मोनिका बहन* ने बताया कि
नशा मुक्ति में राजयोग मेडिटेशन की सबसे बड़ी विशेषता सामने आती है। राजयोग केवल मन को शांत करने की विधि नहीं है। राजयोग हमें अपने वास्तविक स्वरूप—आत्मा—का बोध कराता है और परमात्मा से जोड़ता है।
जब आत्मा परमात्मा से जुड़ती है, तब परमात्मा से मिलने वाली शांति, शक्ति, प्रेम और पवित्रता हमारे जीवन में प्रवाहित होने लगती है। यही दिव्य शक्ति हमारे मनोबल को बढ़ाती है। यही आंतरिक शक्ति कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने का साहस देती है। और यही शक्ति व्यक्ति को नशे जैसी किसी भी बुरी आदत पर विजय प्राप्त करने में सक्षम बनाती है।
कार्यक्रम में राजयोग भवन की *बी के आरती बहन* ने सभी उपस्थितों को पर्ची देकर उसमे अपनी बुराईया लिखकर प्रभु के सम्मुख समर्पित कराया |
राजयोग भवन की *बी के ममता बहन* ने सभी को नशा मुक्ति प्रतिज्ञा कराई |
राजयोग भवन की *बी के सरिता बहन* नें महाअभियान के उद्देश्य को स्पष्ट किया |
कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ राजयोगी बी के प्रकाश भाई ने आभार व्यक्त किया |
इस अवसर पर नशा मुक्ति वाहन का भी प्रदर्शन किया गया |
कार्यक्रम के अंत में सभी को ईश्वरीय सौगात और प्रसाद वितरित किया गया |



