अनुशासन और साधना का संगम: सरस्वती विद्या मंदिर केशवनगर में तीन दिवसीय विभाग स्तरीय घोष कार्यशाला का भव्य शुभारंभ

विदिशा। स्थानीय सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, केशवनगर में शनिवार को तीन दिवसीय विभाग स्तरीय घोष कार्यशाला का गरिमामय माहौल में शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और वंदना के साथ हुई।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता भोपाल विभाग समन्वयक श्री अंकित शुक्ला, मुख्य अतिथि विभाग घोष प्रमुख श्री निखिल चौरसिया, विशेष अतिथि समिति सचिव श्री उदय ढोली एवं विभाग घोष संयोजक प्राचार्य श्री नितिन चौधरी मंचासीन रहे।
पूर्व लायंस अध्यक्ष एवं अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी लायन अरुण कुमार सोनी ने बताया कि कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता अंकित शुक्ला ने छात्र-छात्राओं (भैया-बहिनों) को संबोधित करते हुए अनुशासन का महत्व रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि “किसी भी कला या कौशल को सीखने की पहली शर्त अनुशासन है। यदि आप पूर्ण मनोयोग और अनुशासन के साथ अभ्यास करेंगे, तो आपके कार्य में स्वाभाविक रूप से निखार और कुशलता आएगी।”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निखिल चौरसिया ने घोष वादन के आध्यात्मिक और व्यक्तित्व विकास से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “घोष वादन मुख्य रूप से अन्नमय और प्राणमय कोष के विकास से संबंधित है। वाद्य बजाने के साथ श्वास, लय, ताल, एकाग्रता और शारीरिक सक्रियता का अनोखा समन्वय इसमें होता है। सार्वजनिक मंच पर घोष का प्रदर्शन विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाता है और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में सहायक सिद्ध होता है।” उन्होंने जानकारी दी कि आगामी वर्ष दिल्ली में अखिल भारतीय स्तर पर शिशु मंदिर के 50,000 भैया-बहिनों का विशाल घोष प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में अतिथि परिचय एवं आत्मीय स्वागत वरिष्ठ आचार्य सर्वश्री रमेश राठौर, नीरज शर्मा, लीलाराम प्रजापति एवं नवीन पटेल द्वारा किया गया। मंच का कुशल संचालन श्री तरुण दुबे ने किया।
इस अवसर पर अंदर किला विद्यालय के प्राचार्य श्री दिनेश शर्मा, तलैया विद्यालय के प्राचार्य श्री विशाल भार्गव, केशवनगर विद्यालय के प्राचार्य श्री शुभम चौहान सहित विभाग के लगभग 21 विद्यालयों से आए 192 छात्र-छात्राएं, संरक्षक आचार्य एवं दीदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम से जुड़ी यह विस्तृत जानकारी शिशु मंदिर की जिला प्रचार प्रमुख द्वारा साझा की गई है।





