सुर शंकरा ने गौहर महल में सुनाये रिमझिम क़े गीत सावन गाये

मध्य प्रदेश में गरिमामय एवं अनुशासित तरीके से संगीतमय कार्यक्रम करते रहने में प्रसिद्ध सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप ने 09 अगस्त को गौहर महल भोपाल में संचालित 12वां राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस क़े उपलक्ष्य में “स्वदेशी हैण्डलूम मेला 2026” में सम्पन्न हुई l
सुर शंकरा म्यूज़िकल ग्रुप के कार्य. अध्यक्ष/मैनेजर इंजी. प्रतीक गर्ग एवं प्रेरणास्रोत सीए. निहारिका गर्ग ने मेला समिति क़े एम.एल. शर्मा एवं अरविंद शर्मा का इस ग्रुप को अवसर प्रदान करने के लिये सुर शंकरा परिवार की ओर से आभार व्यक्त करते हुए बताया कि कार्यक्रम की सफल एंकरिंग हमेशा की तरह ग्रुप की संभागीय अध्यक्ष आयशा खान ने, लेपटॉप ऑपरेटिंग परि अलीज़ा खान ने, वीडियोग्राफी/फोटोग्राफी जावेद खान, नवेद सौदागर व दिलिप बोरसे ने तथा साउंड ऑपरेटिंग आसिफ खान द्वारा की गई जिसमें कार्यक्रम की शुरुआत अमिता बोरसे व मीना पुरोहित की आवाज़ में ज्योत से ज्योत जगाते चलो से हुई, उसके बाद लगातार गीतों की होती रही बौछार में परि अलीज़ा खान ने ऐ मेरी ज़ोहरा ज़बी, आयशा खान ने होठों पे ऐसी बात मैं दबा क़े चली आई, शशिलता ने दिल में तुझे बैठा क़े, अमिता बोरसे ने चूड़ी मजा न देगी, मीना पुरोहित ने मौसम है आशिकाना, बसंत बाथरे ने ओर इस दिल में क्या रक्खा है, जावेद खान ने हाल क्या है दिलों का न पूछो सनम, नवेद सौदागर ने मैं जट यमला पगला दीवाना, दिलिप बोरसे ने एक ऋतू आये एक ऋतू जाये, ग्रुप क़े अध्यक्ष सुरेश गर्ग ने बरखा रानी ज़रा जम क़े बरसो सहित युगल गीतों की श्रंखला में अलीज़ा खान व आयशा खान ने कज़रा मोहब्बत वाला, शशिलता व सुरेश गर्ग ने एक तेरा साथ हमको दो जहाँ से प्यारा है, अमिता बोरसे व दिलिप बोरसे ने क्या करते थे साजना तुम हमसे दूर होके, मीना पुरोहित व बसंत बाथरे ने तुमसे मिलके न जाने क्यूँ, कार्यक्रम का टाइटल गीत रिमझिम क़े गीत सावन गाये हाये जब लेपटॉप ऑपरेटर अलीज़ा खान व ग्रुप के संस्थापक सुरेश गर्ग ने गाया तो तालियों की गड़गड़ाहट से गौहर महल गुंजायमान हो गया एवं आयशा खान व सुरेश गर्ग की जबरदस्त आवाज़ में आया सावन झूम क़े बदरा छाये गीत से कार्यक्रम का समापन हुआ l



