स्वतंत्रता स्वाधीनता अनुभव करना चाहते हो तो संबंध सरलता के साथ निभाओ कुटिलता के साथ नहीं—आचार्य समय सागर महाराज

भोपाल निर्माणधीन विधोदय तीर्थ में वर्षा योग के दौरान अचार्य संघ की निरंतर आध्यात्मिक क्रिया के साथ तप त्याग संयम की साधना चल रही है अनेकों जगहों से श्रद्धालु प्रतिदिन आचार्य श्री के दर्शन हेतु आ रहे हैं भगवान जिनेंद्र की आराधना और आत्म साधनाआत्म कल्याण के मार्ग पर संघ सहित ब्रह्मचारी भैया बहन और त्यागी व्रती प्रतिमा धारी भी कर रहे हैं आचार्य श्री ने आशीष वचन में कहा प्रवचन देना सरल है प्रचार प्रसार करना सरल है पर साधना के माध्यम से आत्म साधना करना कठिन है समाज में प्रवचन सुनने वाले श्रावक आत्म कल्याण करना चाहते हैं पर सही दिशा बोध नहीं मिलने से सन्नमार्ग से विमुख होते हैं,, आचार्य श्री ने कहा परतंत्रता सत्ता की लड़ाई है हार जीत की बात वस्तु तत्व के विमुख होने से है, असंयम के कारण है,, संयम धारण करने के बाद महासत्ता प्राप्त की जा सकती है महासत्ता अनीश्वर सत्ता अर्थात केवल्य ज्ञान की प्राप्ति इसमें भेदभाव नहीं होता इसमें एक इंद्रीय से लेकर पांच इंद्रिय तक का छोटे बड़े का भेदभाव खत्म हो जाता है महासत्ता प्राप्त करने के लिए आत्म तत्व का ज्ञान और सत्य अहिंसा का पालन , आगम का आलंबन बहुत जरूरी है इसमें अहिंसा के बगैर जीत नहीं होगी,, महा सत्ता की प्राप्ति के लिए प्रत्येक जीव के प्रति दया करुणा अनुकंपा का भाव जागृत होना चाहिए परोपकार की दृष्टि होना चाहिए पर इन शब्दों का उपयोग तो बहुत सारे वक्ता करते हैं पर शब्दों को फॉलो नहीं करते,,, स्वतंत्रता स्वाधीनता कब आती है स्वाधीनता स्वतंत्रता का अनुभव करना चाहते हो तो ,, जीवन शैली और आचरण सरल रखो कपट पूर्ण नहीं संबंध सरलता के साथ बनाओ कुटिलता के साथ नहीं ,,,, समता के साथ स्वतंत्रता को उदय होता है और जहां समता है वह विषमता संभव नहीं समान वृद्धि का नाम समता है, समता की परीक्षा विषमता में होती है अर्थात जब चारों ओर प्रतिकूल परिस्थितिया वातावरण हो तब निश्चल भाव से साधना उत्कृष्ट साधना है ,पर के साथ प्रवृत्ति करोगे तो आत्मा में प्रवेश नहीं कर पाओगे , प्रत्येक सांसारिक पदार्थों से अपरिचित होने के बाद ही स्वयं की आत्म तत्व से पहचान हो पाएगी,,,, अध्यक्ष पंकज सुपारी और मनोज बांगा ने बताया निरंतर अचार्य संघ के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है,, प्रदेश के अनेक शहरों से शासन प्रशासन में सेवाएं प्रदान करने वाले उच्च पद के अधिकारियों ने श्रीफल अर्पित का आशीर्वाद लिया, -अंशुल जैन प्रवक्ता*



