तीर्थंकर नेमिनाथ भगवान का जन्म और तप कल्याणक श्रद्धा भक्ति भाव के साथ मनाया गया,,

भोपाल 22 वे तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का जन्म और तप कल्याणक श्रद्धा भक्ति उत्साह से मनाया गया, आचार्य समय सागर महाराज के सानिध्य में अभिषेक पूजा अर्चना के साथ प्रभु की आराधना की गई, प्रभु वंदना, आचार्य श्री स्तुति में अरघ अर्पित करने का सौभाग्य मंदाकिनी जैन समाज कोलार को मिला,, आचार्य समय सागर महाराज ने कहा तीर्थंकर प्रभु के कल्याणक मनाने और अनुमोदनार का सौभाग्य भी पुण्य से मिलता है पुण्यात्मक क्रियाओं का साक्षी बनने से अनंत जन्मों के कर्म दहन होते है,,, आचार्य श्री ने कहा अच्छे कार्यों में सदैव भिन्न आते हैं विभिन्न ना आए परेशानी ना आए तो समझना काम अच्छा नहीं है आचार्य श्री ने सीख देते हुए कहा जीवन में कभी शॉर्टकट के चक्कर में मत पढ़ना,, रास्ते टेढ़े-मेढ़े जरूर होते हैं,, पर मंजिल मिलना निश्चित है, अपने दोषों को देखें और उन्हें दूर करें अच्छे कर्म करें परिणाम भी अच्छे आएंगे, आज बुधवार को भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक मोक्ष सप्तमी के रूप में मनाया जाएगा आचार्य श्री के सानिध्य में विशेष अनुष्ठान मुख्य पंडाल में होगा शहर के प्राचीन झिरनो जैन मंदिर में भगवान नेमिनाथ की मूल नायक प्राचीन प्रतिमा के अभिषेक जगत शांति के लिए शांति धारा के साथ श्री नेमिनाथ विधान हुआ श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भक्ति उत्साह से अनुष्ठान में भाग लिया,, श्री नेमिनाथ भक्त मंडल के तत्वाधान में भगवान नेमिनाथ की मंगल आरती के साथ सभी ने महा मंत्र नवकार भक्तामर का वाचन भी किया,, अंशुल जैन प्रवक्ता


