भारत भवन में आयोजित होगी 94वीं शङ्कर व्याख्यानमाला
"Chinmaya@75: अद्वैत की उज्ज्वल परंपरा” विषय पर स्वामी मित्रानन्द सरस्वती देंगे सारस्वत प्रबोधन

भोपाल। भारत भवन,भोपाल में आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास, संस्कृति विभाग मध्य प्रदेश शासन द्वारा गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को शाम 5:30 बजे से ’94वीं शङ्कर व्याख्यानमाला’ का आयोजन किया जा रहा है। स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती द्वारा वेदांत के वैश्विक प्रसार हेतु स्थापित चिन्मय मिशन के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में देशभर में चल रही ‘चिन्मय अमृत यात्रा’ के भोपाल आगमन के अवसर पर न्यास द्वारा आयोजित इस व्याख्यानमाला का मुख्य विषय “Chinmaya@75: अद्वैत की उज्ज्वल परम्परा” रखा गया है,व्याख्यानमाला में चिन्मय मिशन चेन्नई के पूज्य आचार्य स्वामी मित्रानन्द सरस्वती सारस्वत प्रबोधन देंगे। न्यास द्वारा प्रतिमाह आयोजित शङ्कर व्याख्यानमाला भारतीय दर्शन और अद्वैत परम्परा के अमूल्य विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
ज्ञात हो कि सन् 1953 में वेदांत के महानतम गुरु स्वामी चिन्मयानन्द जी द्वारा स्थापित ‘चिन्मय मिशन’ संपूर्ण विश्व में अद्वैत वेदांत के दिव्य संदेश को संरक्षित करने और उसका प्रसार करने के लिए समर्पित है। स्वामी चिन्मयानन्द जी ने अपने ओजस्वी ‘ज्ञान यज्ञों’ – प्रवचन श्रृंखलाओं के माध्यम से उपनिषदों और श्रीमद्भगवद्गीता के अद्वैत ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाकर एक आधुनिक आध्यात्मिक पुनर्जागरण का सूत्रपात किया। शास्त्रीय वेदांत की अखंड परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, चिन्मय मिशन निरंतर स्वाध्याय, मनन और निष्काम सेवा के माध्यम से आध्यात्मिक स्पष्टता, सांस्कृतिक गौरव एवं अंतर-रुपांतरण प्रदान करता है; जिससे साधक जीवन की मूलभूत एकात्मता की अनुभूति कर सकें।
परम पूज्य स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती जी के योगदान को रेखांकित करने एवं जन जागरण के उद्देश्य से चिन्मय अमृत यात्रा का आयोजन इस अवसर पर देशभर में किया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा चिन्मय मिशन को वेदान्त के प्रचार-प्रसार हेतु वर्ष 2016में पद्मभूषण से भी अलंकृत किया गया ।
आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास के न्यासी सचिव शिव शेखर शुक्ला ने समस्त इच्छुक नागरिकों , शोधार्थियों, युवाओं और प्रबुद्धजनों को इस आयोजन में सहभागिता हेतु सादर आमंत्रित किया है। उन्होंने बताया कि यह व्याख्यानमाला अद्वैत दर्शन और भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को गहराई से समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी।

