खबरमध्य प्रदेश

सामूहिक गर्भ संस्कार से संस्कारवान पीढ़ी निर्माण का संकल्प

गायत्री शक्तिपीठ पर सामूहिक गर्भ संस्कार, नवदंपतियों को प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण
“आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” अभियान के प्रथम सप्ताह में 16 गर्भवती बहनों ने लिया संस्कार-संकल्प
लहारपुर-बागमुगलिया में प्रस्तावित 51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की तैयारियों को लेकर समितियों का गठन
भोपाल। गायत्री परिवार ट्रस्ट, हरिद्वार-शांतिकुंज के मार्गदर्शन में गायत्री शक्तिपीठ, भोपाल में जिला स्तरीय “आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” अभियान के प्रथम सप्ताह के अंतर्गत सामूहिक गर्भ संस्कार कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नवदंपतियों को गर्भ संस्कार के महत्व का प्रशिक्षण दिया गया तथा 16 गर्भवती बहनों का विधिवत सामूहिक पुंसवन संस्कार संपन्न कराया गया।
संस्कार कार्यक्रम में गर्भस्थ शिशु पर माता-पिता के विचारों, व्यवहार, आहार-विहार एवं सकारात्मक वातावरण के प्रभाव के संबंध में विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया। प्रशिक्षित मेडिकल टीम द्वारा गर्भवती बहनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक सलाह भी प्रदान की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में युवा प्रकोष्ठ टीम एवं महिला मंडल की बहनों ने जिला समिति की “आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी” अभियान प्रभारी शांति दीदी के साथ मिलकर सराहनीय भूमिका निभाई। शक्तिपीठ कार्यालय द्वारा भी कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करते हुए आयोजन में विशेष सहयोग प्रदान किया गया।
आज के संस्कार सत्र को नम्रता जोशी दीदी, रीता विजयवर्गीय दीदी, सुषमा कुलश्रेष्ठ दीदी, संध्या जैन दीदी, कविता दीदी, सीमा दीदी एवं अनमोल पाठक भाई ने सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराया। वहीं डॉ. उत्कर्षा एवं डॉ. खुशबू ने गर्भवती बहनों एवं उपस्थित परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक परामर्श दिया। कार्यक्रम में आशा पाठक दीदी, गोपाल भाई, पंकेश भाई, शिव भाई, दानवेंद्र, भूषण सर, गुप्ता जी, विश्वकर्मा जी सहित महिला मंडल एवं युवा प्रकोष्ठ के अनेक कार्यकर्ताओं का सहयोग प्राप्त हुआ।
51 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की तैयारियां शुरू
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में आगामी दिसंबर 2026 अथवा जनवरी 2027 में लहारपुर-बागमुगलिया क्षेत्र में प्रस्तावित 51 कुंडीय श्री गायत्री महायज्ञ की तैयारियों को लेकर नीम ग्रीन पार्क में जिला स्तरीय गोष्ठी आयोजित की गई। गायत्री शक्तिपीठ, प्रज्ञापीठ एवं उपजोन-जिला क्षेत्र के वरिष्ठ परिजनों और कार्यकर्ताओं ने इसमें सहभागिता की।
गोष्ठी में महायज्ञ की रूपरेखा, कार्ययोजना एवं दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न समितियों का गठन किया गया, जिसमें प्रचार-प्रसार समिति को विशेष महत्व दिया गया। कार्यकर्ताओं ने महायज्ञ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने और अधिक से अधिक परिवारों की सहभागिता सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
आयोजन की तैयारियां वरिष्ठ परिजनों श्री महाकालेश्वर श्रीवास्तव, श्री सूरज परमार, श्रीमती सरिता सिंह, श्रीमती सरला शर्मा, श्री कछावा, श्री ओपी विश्वकर्मा एवं श्री पवार के मार्गदर्शन में की जाएंगी।
गायत्री परिवार का यह अभियान केवल संस्कार कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि “संस्कारवान पीढ़ी—स्वस्थ समाज—उज्ज्वल राष्ट्र” के संकल्प को घर-घर तक पहुंचाने का प्रयास है। गर्भ संस्कार, नवदंपति प्रशिक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता और यज्ञीय वातावरण के माध्यम से भावी पीढ़ी के निर्माण की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।
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