अध्यात्ममध्य प्रदेश

विदिशा में 300 साल पुराने ऐतिहासिक राधिका कुंज मंदिर के पट 19 सितंबर को खुलेंगे: वर्ष में केवल एक दिन होते हैं श्री राधा रानी के दर्शन

​विदिशा। इंटरनेशनल लायंस के पूर्व अध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश स्वर्णकार समाज कल्याण समिति के प्रांतीय अध्यक्ष लायन अरुण कुमार सोनी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जानकारी प्रदान की है कि विदिशा के नंदवाना (वृंदावन गली) स्थित अति प्राचीन एवं ऐतिहासिक “राधिका कुंज” मंदिर के पट राधा अष्टमी के पावन अवसर पर दिनांक 19 सितंबर 2026, शनिवार को आम श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।

​वर्ष भर मंदिर में श्री राधा जी की गुप्त सेवा और नियमानुसार पूजा-अर्चना होती है, जिसके उपरांत प्रतिवर्ष नियम अनुसार केवल एक दिन के लिए राधा अष्टमी पर जन सामान्य के लिए मंदिर के पट दोपहर 12:00 बजे महाआरती के साथ खोले जाते हैं।

​मुख्य आकर्षण एवं ऐतिहासिक महत्व

​दिव्य श्रृंगार: इस वर्ष राधा अष्टमी पर राधा जी का मुख्य आकर्षण बनारस की विशेष पोशाक तथा कुंदन और मोतियों से सजाया गया भव्य सिंहासन होगा।
​300 वर्षों से अधिक पुराना इतिहास: यह मंदिर लगभग 300 वर्ष से भी अधिक समय से स्थापित है। मुग़ल काल में औरंगज़ेब के मथुरा-वृंदावन पर आक्रमण के समय भगवान श्रीकृष्ण और राधा जी के विग्रह को सुरक्षित रखने हेतु वहां से लाकर विदिशा के इन मंदिरों में गुप्त तरीके से स्थापित किया गया था।

​धार्मिक कार्यक्रमों की समय-सारणी

​दिनांक: 19 सितंबर 2026 (शनिवार)
​दोपहर 12:00 बजे: महाआरती, राधा जी का जन्मोत्सव एवं प्रसादी वितरण। तत्पश्चात भजन मंडली द्वारा आरती-भजनों की प्रस्तुति।
​सायंकाल (सायं 7:00 बजे): संध्या आरती एवं भोग दर्शन।
​रात्रि: भजन संध्या का विशेष आयोजन।
​दिनांक: 20 सितंबर 2026 (रविवार)
​प्रातः 05:00 बजे: मंगला आरती के बाद पट अस्थायी रूप से बंद होंगे।
​सायंकाल 05:00 बजे: उत्थापन दर्शन हेतु पुनः पट खोले जाएंगे। महिला संगीत द्वारा राधा जी के जन्म उत्सव की बधाइयां गाई जाएंगी।
​रात्रि 11:00 बजे: शयन आरती के पश्चात मंदिर के पट आगामी वर्ष की राधा अष्टमी तक के लिए पूर्णतः बंद कर दिए जाएंगे।
​मंदिर के पुजारी पं. राकेश शर्मा एवं समस्त सेवकगण ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से सपरिवार उपस्थित होकर इस दुर्लभ दर्शन का धर्म लाभ लेने की अपील की है।

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