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पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल

बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं की शत प्रतिशत पहुंच और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश अंतर्वभागीय समन्वय से पेयजल एवं बाल पोषण व्यवस्था को करें सशक्त निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की

 

भोपाल। 13 सितंबर 2026

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने निवास कार्यालय भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से प्रभावी रूप से कवर करना है। कोई भी पात्र व्यक्ति स्वास्थ्य सुविधा से वंचित न रहे और प्रत्येक स्तर पर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत एवं जवाबदेह बनाया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री सुखवीर सिंह, आयुक्त श्री धनराजू एस, एमडी एनएचएम डॉ सलोनी सिडाना, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बालाघाट कलेक्टर श्री कुँअर सत्यम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जिले के प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य अधोसंरचना के सशक्तीकरण के लिए आवश्यकतानुसार संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं के दायरे में लाते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और पहुंच को और बेहतर बनाया जाए।

शत-प्रतिशत टीकाकरण और गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन सुनिश्चित करें

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट नक्सल प्रभावित क्षेत्र से मुक्त हुआ है। ऐसे क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान से जोड़ते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन हो तथा सभी एएनसी (ANC) समय पर हों, यह सुनिश्चित किया जाए। हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर चिन्हित कर उनका नियमित फॉलोअप किया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार एवं प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

संस्थागत प्रसव के लिए पूर्व तैयारी सुनिश्चित करें

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किए जाएँ। जिन गर्भवती महिलाओं में प्रसव के दौरान जोखिम की संभावना हो, उन्हें समय रहते स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती कराकर आवश्यक निगरानी एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए, ताकि हाई रिस्क प्रेगनेंसी चिन्हित गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं समय से उपलब्ध हों।

67 नए मेडिकल ऑफिसर्स की पदस्थापना

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि बालाघाट जिले में आवश्यकता एवं मांग के अनुरूप 67 नए मेडिकल ऑफिसर्स की पदस्थापना की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उपलब्ध मानव संसाधन का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य अधिकारियों की मैदानी उपस्थिति आवश्यक है। स्वास्थ्य अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रों का दौरा करें और मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा करें।

मैदानी अमले को प्रोत्साहित करें, इंसेंटिव समय पर वितरित हों

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की सफलता में मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। अधिकारियों द्वारा मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों को निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन दिया जाए। उनके कार्यों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ निर्धारित इंसेंटिव का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी नियमित रूप से मैदानी क्षेत्रों का दौरा करें, स्वास्थ्य कर्मचारियों की समस्याओं को समझें और उन्हें बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करें।

स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का आवश्यकतानुसार उपयोग करें

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जिले में स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अनटाइड फंड आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराया गया है। इसका उपयोग स्थानीय स्तर की आकस्मिक आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। विशेष रूप से आवश्यक परिवहन, आकस्मिक दवाओं, उपकरणों तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसका नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा प्रभावित न हो और स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली आकस्मिक आवश्यकता का तत्काल समाधान हो, इसके लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए।

जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों का समय पर उपचार

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों की पहचान एवं उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाए। जन्मजात हृदय रोग, क्लेफ्ट लिप, क्लब फुट आदि समस्याओं से प्रभावित बच्चों को चिन्हित कर उनकी आवश्यक सर्जरी एवं उपचार समय पर कराया जाए। उन्होंने कहा कि आरबीएसके (RBSK) के अंतर्गत पात्र बच्चों की आवश्यक सर्जरी एवं उपचार की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है। इसलिए ऐसे बच्चों की पहचान, रेफरल और उपचार की पूरी प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए, ताकि कोई भी बच्चा आवश्यक उपचार से वंचित न रहे।

टीकाकरण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का भी उपयोग करें

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि जहां नियमित टीकाकरण व्यवस्था के माध्यम से शत-प्रतिशत कवरेज प्राप्त करने में कठिनाई हो, वहां आवश्यकता के अनुसार हायर्ड वैक्सीनेटर तथा ऑल्टरनेट वैक्सीन डिलीवरी (AVD) जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाए। दूरस्थ एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों में विशेष रणनीति बनाकर टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाएं और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें।

पंचायतों को सुमन पंचायत के लिए प्रेरित करें

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को जनभागीदारी से मजबूत किया जाए। पंचायतों को सुमन पंचायत बनने के लिए प्रेरित करें और स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय रूप से शामिल करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच केवल विभागीय प्रयासों से नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी से अधिक प्रभावी बनाई जा सकती है। इसलिए स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का हिस्सा बनाया जाए।

स्वच्छता अभियान को गति दें

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के बीच सीधा संबंध बताते हुए क्षेत्र में विशेष स्वच्छता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायतों, स्थानीय संस्थाओं एवं नागरिकों की सहभागिता से स्वच्छता को जन-अभियान का स्वरूप दिया जाए।उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए बीमारी की रोकथाम, समय पर पहचान, उपचार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा स्वच्छता—सभी पहलुओं पर एक साथ कार्य किया जाना आवश्यक है।

स्वास्थ्य सेवाओं में संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले की आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन, दवाएं, उपकरण, परिवहन एवं अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर से आवश्यक सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करें। विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं फॉलोअप, संस्थागत प्रसव और जन्मजात बीमारियों से प्रभावित बच्चों के उपचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यकतानुसार सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। जिले में 67 मेडिकल ऑफिसर की पदस्थापना की गई है, इनका प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्वास्थ्य संस्थानों के सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। साथ ही 2 नए पीएचसी, 1 एसएचसी एवं 2 एमएमयू की स्वीकृति के निर्देश दिए हैं। अन्य आवश्यकताओं की भी प्राथमिकता से पूर्ति की जाएगी। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अंतर्विभागीय समन्वय से पेयजल एवं बाल पोषण सेवाओं को सशक्त किया जाए। आंगनवाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ करने के साथ बच्चों एवं हितग्राहियों का नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए। आवश्यकतानुसार आशा एवं एएनएम के पदों की भी स्वीकृति दी जाएगी।

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