पं. कृष्णराव शंकर पण्डित की स्मृति में ‘संगीत समारोह’ 24 एवं 25 सितम्बर को
संस्कृति विभाग की ओर से मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का अनुपम उत्सव

भोपाल/ग्वालियर। महान संगीतज्ञ एवं पद्मभूषण पं. कृष्णराव शंकर पण्डित की स्मृति में मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा 24 एवं 25 सितम्बर, 2026 को ‘संगीत समारोह’ का आयोजन किया जा रहा है। तानसेन कला वीथिका, ग्वालियर में आयोजित हो रहे इस समारोह में प्रदेश एवं देश के सुविख्यात संगीतज्ञ पं. कृष्णराव शंकर पण्डित को स्वरांजलि अर्पित करेंगे। कार्यक्रम प्रतिदिन सायं 7 बजे से प्रारंभ होगा एवं श्रोताओं के लिए प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
संचालक, संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव ने बताया कि मध्यप्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्वविख्यात है। शास्त्रीय संगीत की परंपरा में ग्वालियर घराने का विशिष्ट और गौरवशाली स्थान होना इस विरासत की सशक्त पहचान है। पं. कृष्णराव शंकर पंडित ग्वालियर घराने के महत्वपूर्ण एवं महान संगीतज्ञ थे, जिनके संगीत ने इस समृद्ध परंपरा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। ऐसे महान संगीतज्ञ के अवदान एवं उनकी स्मृति को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा यह आयोजन किया जाता है। साथ ही यह प्रयास किया जाता है कि इन आयोजनों से अधिक से अधिक युवा जुड़ें एवं हमारी सांस्कृतिक विरासत का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।
उन्होंने बताया कि इस दो दिवसीय आयोजन के पहले दिन 24 सितम्बर गुरुवार को सर्वप्रथम प्रशस्ति गायन होगा, जिसे पं. कृष्णराव शंकर पण्डित द्वारा स्थापित शंकर गंधर्व संगीत महाविद्यालय, ग्वालियर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद मध्यप्रदेश के सुविख्यात गायक पं. भुवनेश कोमकली, देवास की गायन सभा सजेगी। पहले दिन की अंतिम प्रस्तुति सुविख्यात गिटार वादक विदुषी कमला शंकर, वाराणसी का गिटार वादन होगा।
समारोह के दूसरे दिन 25 सितम्बर शुक्रवार को सर्वप्रथम श्री ऋषिकेश मजूमदार, मुम्बई का बाँसुरी वादन होगा। इसके बाद ग्वालियर घराने की सुविख्यात गायिका विदुषी मीता पण्डित, नई दिल्ली का गायन होगा। भारतीय शास्त्रीय संगीत पर केन्द्रित इस प्रतिष्ठित समारोह में दोनों दिवस संगीत के विविध रंग बिखरेंगे, जिनके मूल में भारत की आत्मा और परम्परा बसी होगी।
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