क्रिकेट के जुनून ने किसी को खिलाड़ी बना दिया, तो किसी ने इसी जुनून को सम्मान और देशभक्ति से जोड़ दिया। हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के देवगहन गांव के किसान लोकेंद्र कुमार साहू की। क्रिकेटर बनने का सपना लेकर करीब 25 साल पहले मुंबई पहुंचे लोकेंद्र अब किसान हैं, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून आज भी बरकरार है।उन्होंने अपनी फसल बेचकर करीब दो लाख रुपये जुटाए और भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव की चार क्विंटल वजनी आदमकद सीमेंट प्रतिमा तैयार कराई। इतना ही नहीं प्रतिमा को पिकअप में लेकर वे करीब 1300 किलोमीटर का सफर तय कर मुंबई पहुंचे और 14 सितंबर को सूर्यकुमार के जन्मदिन पर उन्हें यह अनोखा तोहफा दिया।
खेत बना बलिदान की यादों का स्थल
लोकेंद्र का क्रिकेट प्रेम सिर्फ क्रिकेटरों तक सीमित नहीं है। उनके गांव देवगहन स्थित खेत में कारगिल युद्ध, 26/11 मुंबई हमले, पुलवामा, गलवान घाटी और छत्तीसगढ़ के नक्सली हमलों में बलिदान हुए 18 जवानों की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित हैं। इन प्रतिमाओं को बनवाने में उन्होंने अपनी जेब से करीब 10 लाख रुपये खर्च किए हैं।
लोकेंद्र का क्रिकेट प्रेम सिर्फ क्रिकेटरों तक सीमित नहीं है। उनके गांव देवगहन स्थित खेत में कारगिल युद्ध, 26/11 मुंबई हमले, पुलवामा, गलवान घाटी और छत्तीसगढ़ के नक्सली हमलों में बलिदान हुए 18 जवानों की आदमकद प्रतिमाएं स्थापित हैं। इन प्रतिमाओं को बनवाने में उन्होंने अपनी जेब से करीब 10 लाख रुपये खर्च किए हैं।


